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ओबीसी वित्त आयोग ने मांगे ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए सुझाव

ओबीसी वित्त आयोग ने मांगे ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए सुझाव - हनुमानगढ़ जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में होंगे कार्यक्रम

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ओबीसी वित्त आयोग ने मांगे ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए सुझाव

हनुमानगढ़. पिछड़े वर्गों के उत्थान के उद्देश्य से फरवरी- 2022 में ओबीसी वित्त एवं विकास आयोग का गठन किया गया था। पिछड़े वर्गों के कल्याण, उत्थान हेतु आयोग ने अन्य पिछड़ा वर्ग के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। आयोग के अध्यक्ष पवन गोदारा ने ओबीसी के लिए संचालित योजनाओं में क्या सुधार किया जा सकता है और उन्हें कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इसके लिए सुझाव आमंत्रित किए गए। सुझावों के आधार पर आयोग अपना प्रतिवेदन राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा। सुझाव में ओबीसी वित्त विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं, राज्य सरकार की बेहतरीन जनकल्याणकारी योजनाओं तथा ओबीसी वित्त विकास निगम से ऋण प्राप्ति में आ रही समस्याओं के बारे में पूछा गया है। सुझाव ऑनलाइन आमंत्रित किए गए हैं। इसके आयोग की वैबसाइट बनाई गई है और आमजन क्यूआर कोड स्कैन कर सुझाव दे सकता है।

सोमवार को जंक्शन स्थित सर्किट हाउस में हुई प्रैस वार्ता में गोदारा ने जानकारी दी। गोदारा ने कहा कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर निकाय के वार्डो में निवासरत ओबीसी वर्ग के प्रबुद्धजनों से सुझाव विभागीय वेबसाईट में उपलब्ध सुझाव फॉर्म/सुझाव प्रपत्र के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। पिछले दिनों आयोग द्वारा इसके लिए ट्रायल रूप में क्यूआर कोड स्कैनर को भी प्रदर्शित किया गया, सॉफ्ट लॉन्चिंग में 4 हजार से अधिक प्रबुद्धजनों ने सुझाव दिए । प्रत्येक ग्राम पंचायत /नगर निकाय वार्ड से न्यूनतम 100 व्यक्तियों से विभागीय वेबसाईट में उपलब्ध सुझाव फॉर्म / सुझाव प्रपत्र के माध्यम से सुझाव का लक्ष्य संबंधित अधिकारियों को दिया जाएगा। गोदारा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में जारी अन्य पिछड़े वर्ग ओबीसी के लिए 21 फीसदी आरक्षण के साथ 6 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण दिया जाने कि घोषणा मुख्यमंत्री ने कि है जो ऐतिहासिक घोषणा है । यह अतिरिक्त आरक्षण ओबीसी वर्ग की अति पिछड़ी जातियों के लिए रिजर्व होगा।

ओबीसी वर्ग में अति पिछड़ी जातियों की पहचान के लिए ओबीसी आयोग द्वारा सर्वे भी किया जाएगा। इससे अति पिछड़ी जातियों को शिक्षा एवं सरकारी क्षेत्र में सेवा के अधिक मौके मिल सकेंगे। पत्रकार वार्ता में सीडब्ल्यूसी चेयरमैन जितेंद्र गोयल, जिला अहिंसा प्रकोष्ठ के सहसंयोजक तरुण विजय, पार्षद सुरेंद्र गोंद, अश्विनी पारीक और सामाज कल्याण विभाग सहायक निदेशक विक्रम सिंह शेखावत मौजूद रहे।