https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. नहरी सिस्टम आने के बाद हमारे जिले को अन्न के कटोरे के रूप में पहचान मिली है। लगातार इसी नहरी पानी के बूते हमारे अन्न के भंडार भर रहे हैं।
हमारे किसान नहरी पानी का नहीं समझ रहे मोल
-ऊंट के मुंह मे जीरे के समान हो रही आबयाना वसूली, विभाग ने किसानों को चेताया
-कुल वसूली लक्ष्य 44 करोड़, अब तक करीब साढ़े छह करोड़ की ही वसूली हुई
हनुमानगढ़. नहरी सिस्टम आने के बाद हमारे जिले को अन्न के कटोरे के रूप में पहचान मिली है। लगातार इसी नहरी पानी के बूते हमारे अन्न के भंडार भर रहे हैं। परंतु आसानी से उपलब्ध नहरी पानी का आबयाना जमा करवाने के प्रति किसान ज्यादा रुझान नहीं दिखा रहे हैं। स्थिति यह है कि कई किसानों पर कई फसलों का आबयाना बकाया चल रहा है। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के अधीन भाखड़ा परियोजना, गंगकैनाल व इंदिरागांधी नहर परियोजना से जुड़े क्षेत्र के करीब साढ़े तीन लाख किसानों से 44 करोड़ सात लाख रुपए का आबयाना वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मगर इसकी तुलना में अब तक काफी कम आबयाना वसूल किया गया है। अब विभागीय अधिकारी बीके स्तर पर इस माह से वसूली शिविर लगाकर किसानों को आबयाना जमा करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिससे वसूली लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। 31 मार्च तक शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
काफी कम वसूली
चालू वित्तीय वर्ष में भाखड़ा परियोजना से जुड़े करीब डेढ़ लाख किसानों से 15 करोड़ का आबयाना वसूलने का लक्ष्य है। इसमें से अभी तक एक करोड़ 35 लाख रुपए की वसूली ही हुई है। इसी तरह इंदिरागांधी नहर परियोजना में 17 करोड़ 21 लाख रुपए के आबयाना वसूली का लक्ष्य दिया गया है। इसमें अब तक एक करोड़ 65 लाख रुपए की वसूली हुई है। गंगकैनाल में 12 करोड़ 50 लाख रुपए की वसूली का लक्ष्य दिया गया है। इसमें तीन करोड़ 36 लाख रुपए की वूसली की गई है।
सिंचाई का तरीका बदलने की जरूरत
क्षेत्र में सिंचाई पानी का संकट लगातार बन रहा है। पानी की चोरी की वारदातें लगातार हो रही है। पानी विवाद में लोग एक दूसरे की जान लेने पर उतारू हो रहे हैं। लेकिन फिर भी किसान भविष्य में आने वाले जल संकट को नहीं भांप रहे। बदलती दुनिया में हमारे किसानों को ड्रिप इरीगेशन को समझना होगा। उन्नत खेती के तरीके को समझकर ही भविष्य में आने वाले जल संकट की समस्या से बचा जा सकता है।
किसानों को चेताया
जल संसाधन विभाग के अफसर अपने तरीके से लगातार किसानों को आबयाना जमा करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जल्द आबयाना जमा नहीं करवाने पर विभाग की ओर से संबंधित किसानों को राजस्थान जल निकास अधिनियम 1955 के नियम 10 (03) ई के तहत दोषी कृषकों को सिंचाई सुविधा से वंचित करने की चेतावनी दी गई है।
......वर्जन....
वसूली को लगा रहे शिविर
लक्ष्य के अनुसार 31 मार्च तक आबयाना वसूली करनी है। इसके लिए बीके वाइज वसूली शिविर लगा रहे हैं। किसानों को तय समय पर आबयाना जमा करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ताकि भविष्य में बारी कटने की समस्या से वह बच सकें।
-सहीराम यादव, एक्सईएन, जल संसाधन विभाग खंड द्वितीय हनुमानगढ़