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गेहूं उत्पादन में हमारे दो जिले अव्वल, गुणवत्ता ठीक होने से प्रदेश और देश में मांग भी खूब

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. आधुनिक दौर में गेहूं उत्पादन के लिहाज से पूरे देश में हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले की अच्छी पहचान बनने लगी है। यह दोनों जिले गेहूं की पैदावार के मामले में प्रदेश में तो अव्वल हैं ही, देश में होने वाली कुल सरकारी खरीद में भी हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिला चार से पांच प्रतिशत का भागीदार बन रहा है।  

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गेहूं उत्पादन में हमारे दो जिले अव्वल, गुणवत्ता ठीक होने से प्रदेश और देश में मांग भी खूब

गेहूं उत्पादन में हमारे दो जिले अव्वल, गुणवत्ता ठीक होने से प्रदेश और देश में मांग भी खूब

गेहूं उत्पादन में हमारे दो जिले अव्वल, गुणवत्ता ठीक होने से प्रदेश और देश में मांग भी खूब
-प्रदेश में होने वाली कुल सरकारी खरीद में अकेले श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले का ८५ से ९० प्रतिशत योगदान
-इस बार भी दोनों जिलों में करीब पांच लाख हेक्टेयर में गेहूं की हुई बिजाई
.........फोटो..........
हनुमानगढ़. आधुनिक दौर में गेहूं उत्पादन के लिहाज से पूरे देश में हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले की अच्छी पहचान बनने लगी है। यह दोनों जिले गेहूं की पैदावार के मामले में प्रदेश में तो अव्वल हैं ही, देश में होने वाली कुल सरकारी खरीद में भी हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिला चार से पांच प्रतिशत का भागीदार बन रहा है। इस बार भी मौसम जिस तरह से साथ निभा रहा है, उससे लगता है कि दोनों जिलों में गेहूं की बम्पर पैदावार होगी। एफसीआई अधिकारियों की मानें तो पूरे देश में औसतन ३०० लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद होती है।
इसमें अकेले हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले का योगदान १४-१५ लाख टन रहता है। इस बार केंद्र सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य ८५ रुपए बढ़ाते हुए २०१९-२० में १९३३ रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है, जबकि गत वर्ष इसका रेट १८४० रुपए प्रति क्विंटल था। कृषि विभाग हनुमानगढ़ कार्यालय में उप निदेशक दानाराम गोदारा की मानें तो अभी पड़ रही ठंड रबी की प्रमुख फसल गेहूं के लिए बहुत लाभदायक है। इससे घग्घर बेल्ट को छोडक़र शेष क्षेत्र में उत्पादन काफी अच्छा रहेगा। हनुमानगढ़ जिले में गत रबी सीजन में प्रति हेक्टेयर ४८ से ५० क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ था।
इस बार भी मौसम ने साथ निभाया तो यही स्थिति रहने के आसार हैं। समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी होने से किसानों की जेब में गत वर्ष की तुलना में अधिक पैसा जमा जाएगा। इससे निश्चित तौर पर दोनों जिलों की खुशहाली बढ़ेगी। गौरतलब है कि भारतीय खाद्य निगम की ओर से की जाने वाली सरकारी खरीद के बाद ही सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत विभिन्न वर्ग के लोगों को उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से गेहूं का वितरण करती है।

प्रदेश में स्थिति
पूरे राजस्थान में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले में होता है। गत रबी सीजन की बात करें तो प्रदेश में कुल एक करोड़ ४० क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी। इसमें अकेले हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले से एक करोड़ नौ लाख क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद की गई। एफसीआई के मंडल प्रबंधक के अनुसार प्रदेश में कुल होने वाली सरकारी खरीद का औसतन ८५ से ९० प्रतिशत गेहूं हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले से ही होता है। गत वर्ष दोनों जिलों में ४६ केंद्रों पर सरकारी खरीद की गई थी। इस तरह गेहूं उत्पादन के लिहाज से दोनों जिले काफी अग्रणी जिलों में शुमार हैं।

ओस की बूंदे फायदेमंद
वर्तमान में कोहरा छाने तथा ओस की बूंदें गिरने से गेहूं की फसल को काफी फायदा होगा। कृषि पर्यवेक्षक जगदीश दूधवाल कहते हैं कि अभी मावठ भी आ जाए तो गेहूं के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। अभी गेहूं की अगेती व पछेती फसलें बढ़वार व जड़ें जमने की अवस्था में है। इस लिहाज से गेहूं के लिए अनुकूल मौसम है। दोनों जिलों में इस बार भी करीब पांच लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होने की सूचना है। इसके अलावा कोटा, बीकानेर और जैसलमेर के कुछ नहरी क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई हुई है। इस लिहाज से प्रदेश में सर्वाधिक बिजाई वाले जिलों में हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले शामिल हैं।

किसानों की भरेगी जेब
इस बार सरकार ने जिस तरह से गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाया है, उससे गत वर्ष की तुलना में अबकी बार किसानों की जेब ज्यादा भरेगी। गत रबी सीजन में श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में कुल सरकारी खरीद के दौरान करीब २४०० करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया गया था। इस बार ८५ रुपए प्रति क्ंिवटल के हिसाब से रेट बढ़ाने से करीब २५०० करोड़ रुपए किसानों की जेब में आने की संभावना है।

.....फैक्ट फाइल.....
-पूरे देश में हर वर्ष औसतन ३०० लाख टन गेहूं की होती है सरकारी खरीद।
-अकेले हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले में होती है १४-१५ लाख टन खरीद।
-चालू रबी सीजन में हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले में ५००००० हेक्टेयर में गेहूं की हुई बिजाई।
-कुल सरकारी खरीद की तुलना में श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले के किसानों को २४०० करोड़ रुपए का किया गया था भुगतान।
-चालू रबी सीजन में सरकार ने ८५ रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का बढ़ाया समर्थन मूल्य।

.....वर्जन.....
हमारे दोनों जिले अग्रणी
प्रदेश में कुल होने वाली सरकारी खरीद का ८५ से ९० प्रतिशत गेहूं श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में होता है। इस तरह गेहूं उत्पादन में दोनों जिले प्रदेश में अग्रणी हैं। इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी होने से किसानों को गत वर्ष की तुलना में अधिक भुगतान मिल सकेगा। अगले महीने से गेहूं खरीद की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। चालू रबी सीजन में सवा दो करोड़ थैले (बारदाने) की आवश्यकता है। इसे लेकर अगले सप्ताह से बारदाने के रैक आने शुरू हो जाएंगे।
-लोकेश ब्रह्मभट्ट, मंडल प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, श्रीगंंगानगर

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