
किला बाउंड्री और जोहड़ पायतन की भूमि पर बसे लोगों को अभी तक नहीं मिली राहत
हनुमानगढ़. टाउन में किला बाउंड्री व जोहड़ पायतल की भूमि पर बसे लोगों को राहत नहीं मिलने के कारण परेशान है। हालात यह है कि मालिकाना हक नहीं मिलने के कारण प्रोपर्टी के बाजार भाव के अनुसार दाम नहीं मिल रहे और न ही मकान का निर्माण करने के लिए बैंक से ऋण मिलता है। इसकी वजह से यहां के कई निवासी पट्टे नहीं बनने से अन्य कॉलोनियों में शिफ्ट हो गए हैं। इनकी माने तो इन इलाके में बसे लोगों को निर्माण करने के लिए निर्माण स्वीकृति नहीं मिलती। अगर निर्माण कार्य करते हैं तो पुरात्तव विभाग निर्माण कार्य की रोकथाम का आदेश देते हुए नोटिस थमा देता है। आज तक हनुमानगढ़ टाउन के भटनेर दुर्ग के आसपास के सौ मीटर मे बसे लोगों के मकानों के पट्टे बनाने के लिए पुरात्तव विभाग से कोई वार्ता नहीं की गई और वस्तुस्थिति के बारे में अवगत भी नहीं करवाया गया। यही हाल जोहड़ पायतन क्षेत्र में बसे मकानों का है। जोहड़ पायतन से संबंधित मामला कोर्ट में सालों से चला रहा है। जब से मामला कोर्ट में गया है तब से मकानों के पट्टे बनने बंद हो गए।
१५३ बीघा जोहड़ में
करीब चालीस वर्ष पूर्व किला बाउंड्री तक घग्घर नदी का बहाव क्षेत्र था। अब बहाव क्षेत्र का दायरा टाउन-जंक्शन के पुल तक सीमित रह गया। मास्टर प्लान में बहाव क्षेत्र इसी के तहत दर्शाया गया है। लेकिन इस वस्तुस्थिति के बारे में अवगत कराने के लिए राजनीतिक दल जहमत नहीं उठा रहे। इसकी वजह से यह मामला जस के तस है। हनुमानगढ़ शहरी क्षेत्र की १५३ बीघा भूमि राजस्व रिकार्ड में जोहड़ व जोहड़ पायतन के रूप में दर्ज है। टाउन की करीब ३५ से ४० हजार आबादी जोहड़ पायतन पर बसी हुई है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद कार्यालय के पीछे स्थित कॉलोनी का कुछ हिस्सा, भारत माता चौक के सामने वाला इलाका, पंजाबी मोहल्ला की कई गलियां व अम्बेडकर कॉलोनी स्थित भभूता सिद्ध मंदिर के आसपास व नई आबादी की गली नंबर एक व दो का हिस्सा राजस्व रिकार्ड में जोहड़ या फिर जोहड़ पायतन दर्ज है। करीब नौ वार्डों में बसे नागरिकों को नगर परिषद से एनओसी नहीं मिल सकती। इसकी वजह से इन इलाकों के बाशिंदे बैंक लोन से भी वंचित रह जाते हैं।
मकान तो बन गए पट्टे नहीं मिले
टाउन के इन इलाकों में बसे लोगों ने अपने मकान तो खड़े कर लिए, लेकिन पट्टे नहीं होने के कारण कागजों में मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। इसमें तीन सरकारी स्कूल, दो निजी कॉलेज, आठ निजी विद्यालय, टाउन बस स्टैंड, नौ आंगनवाड़ी केन्द्र, राजकीय पशु चिकित्सालय, तीन धर्मशाला, जलदाय विभाग, सौ से अधिक दुकानें व दो दर्जन से अधिक निजी अस्पताल आदि संचालित हैं। इसके अलावा अम्बेडकर कॉलोनी स्थित दो सौ वर्ष पुराना भभूता सिद्ध डेरा में इसी दायरे में आता है।
कमेटी ने किया था निरीक्षण
हाइकोर्ट की ओर से गठित कमेटी ने २०१६ में हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर व जैसलमेर जिले की तहसीलों में जोहड़ व जोहड़ पायतन भूमि का जायजा लिया था। इस क्रम में हनुमानगढ़ में २७ जून २०१६ को टीम के सदस्यों ने टाउन का निरीक्षण किया था। यहां के नागरिकों ने इन इलाकों का भ्रमण कराते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराया था।
पुरात्तव विभाग के नियम
भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से भटनेर दुर्ग के सौ मीटर की दूरी तक के क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया हुआ है। इसके अलावा दो सौ मीटर की दूरी में पुरातत्व विभाग की विशेष अनुमति से ही निर्माण किए जाने का प्रावधान है। इस सीमा मे कोई निर्माण कार्य करता है तो उन्हें पुरातत्व विभाग की ओर से नोटिस थमा दिया जाता है। पट्टे नहीं बनने से इस इलाके में बसे लोगों को मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है।
Published on:
24 Apr 2024 10:04 pm
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