
refuse to Mustard storage in central ware house
हनुमानगढ़. विवाद के बीच जिले में शुरू हुई सरसों की सरकारी खरीद बुधवार को फिर बंद हो गई। इससे किसान इधर-उधर भटकते रहे। स्थिति यह है कि तीन अप्रेल से अब तक खरीदी गई सरसों को जिस बारदाने में पैकिंग की गई, वह सरसों के चट्ठे लगाने के अनुकूल ही नहीं थी। इसलिए सेंट्रल वेयर हाउस ने क्रय विक्रय सहकारी समितियों की ओर से खरीदी जा रही सरसों का भंडारण अपने वेयर हाउस में करने से इनकार कर दिया। हालात ऐसे हो गए कि कुछ ट्रालियां तो वेयर हाउस के बाहर ही खड़ी करवा दी गई।
इसके बाद क्रय विक्रय सहकारी समिति प्रबंधकों के होश उड़ गए। अचानक भंडारण से इनकार करने पर राजफैड के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने एटबिल बारदाना यानी सरसों पैकिंग के लिहाज से अनुकूल बारदाना उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। सेंट्रल वेयर हाउस के प्रबंधक को वस्तुस्थिति से अवगत करवाया गया तो वह अब तक खरीदी गई सरसों का भंडारण करने को तैयार हो गए।
लेकिन भविष्य में सरसों खरीद करने पर चट्ठा लगाने के अनुकूल वाले बारदाने में ही पैकिंग करने की शर्त लगा दी। उम्मीद है, जल्द सभी क्रय विक्रय सहकारी समितियों को चट्ठा लगाने के अनुकूल वाला बारदाना उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके बाद खरीद सुचारू हो सकेगी। क्रय विक्रय सहकारी समिति हनुमानगढ़ के प्रबंधक बृजलाल जांगू ने बताया कि सेंट्रल वेयर हाउस के प्रबंधक का सरसों भंडारण करने से इनकार करने पर बुधवार को हम उनसे मिले।
जिसमें उन्होंने अब तक खरीद की गई सरसों का भंडारण पुराने बारदाने में करने पर सहमति दे दी है। लेकिन भविष्य में नए बारदाने में ही पैकिंग वाले बैग्स का भंडारण करने को लेकर पाबंद किया है। सेंट्रल वेयर हाउस के अधिकारियों का कहना है कि पुराने बारदाने में पैक सरसों को वेयर हाउस में रखने पर इसके चट्ठे लगाने में दिक्कत आती है। कई बार तो बैग्स नीचे भी गिर जाते हैं।
२५०० क्विंटल बाहर
क्रय विक्रय सहकारी समिति के प्रबंधकों के अनुसार अब तक २५०० क्विंटल सरसों की खरीद की गई है। इसकी पैकिंग बुराने बारदाने यानी १०० किलो भर्ती वाले बैग्स मेें की गई है। सीधे तौर पर समझें तो १०० किलो भर्ती वाले बैग्स में ५० किलो सरसों भरी जा रही है। जबकि नियमानुसार सरसों के लिए ५० किलो भर्ती का अलग बैग होना चाहिए। नए बैग्स आने में देरी होने के कारण क्रय विक्रय सहकारी समिति के प्रबंधकों ने खरीद शुरू करके पुराने बारदाने में पैकिंग शुरू करवा दी। लेकिन सेंट्रल वेयर हाउस ने अव्यवस्था फैलने के डर से भंडारण से इनकार कर दिया।
चौड़ाई-लंबाई बराबर
पुराने बारदाना यानी १०० किलो भर्ती वाले में ५० किलो सरसों भरने के बाद से वेयर हाउस मेंं भंडारण के वक्त चट्ठे लगाने समय दिक्कत आ रही है। बताया जा रहा है कि इस बारदाने में भरे सरसों का चट्ठा जब लगाया जाता है तो बैग की चौड़ाई और लंबाई बराबर हो जाती है। कुछ बैग में तो दानें बाहर निकलने की शिकायत भी आ रही है। इसके कारण वेयर हाउस प्रबंधकों ने भंडारण से तौबा कर लिया है।
कहां कितने टोकन
जिले में सरसों खरीद को लेकर किसान लगातार टोकन कटवा रहे हैं। इसके तहत हनुमानगढ़ जंक्शन में ५००, टाउन में ८५०, पीलीबंगा में ५००, संगरिया १६५०, रावतसर २५००, नोहर २०० व गोलूवाला में १००० से अधिक किसानों को टोकन जारी किया गया है। हालात ऐसे हैं कि जिन किसानों का टोकन तीन अप्रेल को खरीद के लिए जारी किया गया है, वह भी अब तक सरकारी रेट पर फसल नहीं बेच पाए हैं।
समर्थन मूल्य पर नजर
इस बार सरसों ४००० रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकार किसानों से खरीद कर रही है। जिले में हनुमानगढ़ जंक्शन, टाउन, पल्लू, रावतसर, नोहर, भादरा, संगरिया, टिब्बी, पीलीबंगा, संगरिया मंडी को खरीद केंद्र बनाया गया है। लेकिन वर्तमान में बारदाने ने खरीद की व्यवस्था बिगाड़ रखी है।
Published on:
12 Apr 2018 01:08 pm
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