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सेवानिवृत कर्मचारियों को मिले निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था

हनुमानगढ़. सेवानिवृत रोडवेज कर्मचारियों की मांगों पर सुनवाई नहीं होने के विरोध में धरना जारी रहा। आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन सदस्यों ने जंक्शन स्थित रोडवेज डिपो पर धरना लगाए हुए हैं।
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हनुमानगढ़

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Adrish Khan

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Updated: 23 Jan 2021, 8:49 PM IST

सेवानिवृत कर्मचारियों को मिले निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था

सेवानिवृत कर्मचारियों को मिले निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था



हनुमानगढ़. सेवानिवृत रोडवेज कर्मचारियों की मांगों पर सुनवाई नहीं होने के विरोध में धरना जारी रहा। आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन सदस्यों ने जंक्शन स्थित रोडवेज डिपो पर धरना लगाए हुए हैं। यूनियन सदस्यो ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठन के जिला अध्यक्ष देवदत्त स्वामी ने बताया कि सेवानिवृत कर्मचारी अपनी मांगों व समस्याओ के बारे में राज्य सरकार को ज्ञापन, धरने, प्रदर्शन के माध्यम से कई बार अवगत करवा चुके है परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके चलते संगठन सदस्यो में सरकार के प्रति आक्रोश है। कर्मचारियों ने कहा कि संगठन सदस्यों को सेवानिवृत हुए काफी समय हो चुका है परंतु सरकार की ओर से बकाया परिलाभ आज तक नहीं दिए गए। इसके विरोध में मजबूरन हमे आंदोलन करना पड़ रहा है। इन्होंने कहा कि कुछ सदस्य तो आर्थिक रूप से परेशान होने के चलते अपना इलाज भी नहीं करवा पा रहे। इस मौके पर रामकुमार चंदेल, गुरचरण सिंह, नेकीराम, भादर राम, लक्ष्मण सिंह, कृष्ण, सुरजीत सिंह, सुखमंद्र सिंह, प्रेम सिंह, जरनैल सिंह, रमेश लोहिया, केहर सिंह मान आदि मौजूद थे।
यह है मुख्य मांगें
सेवानिवृत कर्मचारियों के बकाया परिलाभों का भुगतान करने, अधिश्रम भत्तों की लेखापरीक्षा आगार स्तर पर करवाने, 53 माह के बकाया सेवानिवृति परिलाभों का भुगतान करवाते हुए प्रतिमाह कमसेकम एक माह के सेवानिवृति परिलाभों के भुगतान की स्थायी व पुख्ता व्यवस्था करने, मोटर ट्रंसपोर्ट वक्र्स एक्ट 1961 के बाध्यकारी प्रावधानों को आधार मानते हुए अधिश्रम भत्तों की गणना करते समय अंकेक्षण के नाम पर की जाती रही कटौती को बंद करने,सेवानिवृत कर्मचारियों को निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए पारदर्शी, ठोस व व्यवहारिक योजना लागू करने, जीवन साथी सहित मिलती रही निशुल्क यात्रा पास सुविधा कर्मचारी की मृत्यु उपरांत भी जीवन साथी के लिए जारी रखने, जीपीएफ पेंशनर्स की ग्रेज्युटी की अधिकतम सीमा नियमानुसार जनवरी 2007 से 10 लाख व अक्टूबर 2017 से 20 लाख रुपए करने, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा अनुचित एवम अवैध तरीके से परिवार पेंशन योजना 1971 में जमा अंशदान की राशि को लौटना बन्द कर दिया है, इसे फिर से शुरू करवाने आदि मांगों को लेकर सेवानिवृत कर्मचारी धरने पर बैठे हैं।