
Rajasthan Patrika news campaign impact : पत्रिका के अभियान का असर बेटियों के स्कूल पर ताला लगने से बचा
पत्रिका के अभियान का असर बेटियों के स्कूल पर ताला लगने से बचा
- अब जंक्शन के राबाउमावि की जगह कैनाल कॉलोनी के राउप्रावि में होगा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम का संचालन
- पहले साल अंग्रेजी माध्यम स्कूल में होंगे 255 एडमिशन, 27 तक लिए जाएंगे प्रवेश के आवेदन
- पहले बरस आठवीं कक्षा तक होगा संचालन
हनुमानगढ़. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के डेढ़ सौंवीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शहर में खोला जा रहा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम अब नई जगह पर संचालित होगा। राजस्थान पत्रिका की मुहिम पर शहर के जागरूक व संवेदनशील लोगों तथा स्थानीय विधायक चौधरी विनोद कुमार की सक्रियता व साझा प्रयासों से बेटियों के बड़े स्कूल पर ताला लगने से बच गया। संशोधित आदेश के चलते जंक्शन का एकमात्र राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बंद नहीं होगा। राज्य सरकार के निर्देश पर सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिए। इससे राबाउमावि जंक्शन पर ताला लगने की चिंता दूर हो गई। अब 500 से अधिक बालिकाओं को पढ़ाई के लिए दूर के किसी अन्य विद्यालय में नहीं जाना पड़ेगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर नथमल डिडेल की ओर से सोमवार को जारी संशोधित आदेश के अनुसार राउप्रावि कैनाल कॉलोनी, हनुमानगढ़ जंक्शन को अब महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में रूपान्तरित कर दिया गया है। जबकि पूर्व में 14 जून को इस संंबध में जो आदेश राबाउमावि हनुमानगढ़ जंक्शन को लेकर जारी किए गए थे, वह अब निरस्त कर दिया गया है। राबाउमावि जंक्शन का संचालन पहले की भांति ही होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने हनुमानगढ़ के साथ सिरोही जिले के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम को लेकर भी आदेश संशोधित किया है। संशोधित आदेश जारी होने पर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तरूण विजय, राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश महामंत्री रामलुभाया तिन्ना, ओमप्रकाश नांदीवाल, समाजसेवी सुमन चावला, अश्विनी शर्मा, राबाउमावि जंक्शन के विकास में लगे पूर्व पार्षद उमाशंकर, व्यापार मंडल अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल, सेवानिवृत्त ओएस सुमेरसिंह यादव आदि ने प्रसन्नता जताई है।
पहले दिन से स्वागत के साथ उठाए सवाल
राज्य सरकार ने महात्मा गांधी की डेढ़ सौंवीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम खोलने की योजना बनाई है। इसके तहत पहले चरण में सभी 33 जिला मुख्यालयों पर एक-एक अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय मंजूर किया गया। इसकी सूची 14 जून को जारी की गई। इन विद्यालयों के लिए पूर्व में चल रहे हिन्दी माध्यम के सरकारी विद्यालयों का ही चयन किया गया। मतलब जहां अंग्रेजी माध्यम का स्कूल मंजूर किया, वहां पहले से चल रहा हिन्दी माध्यम का स्कूल बंद होना था। ऐसे में हनुमानगढ़ शहर के लिए यह खुशी की खबर चिंता में बदल गई। क्योंकि जहां अंग्रेजी माध्यम का स्कूल मंजूर किया गया था, वह जंक्शन इलाके का एकमात्र उच्च माध्यमिक स्तर का बालिका स्कूल था। जबकि अन्य अधिकांश जिलों में इसके लिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक तथा बहुत कम नामांकन वाले सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया था। इसलिए राजस्थान पत्रिका ने पहले दिन से ही सरकार के इस आदेश का स्वागत करते हुए सवाल उठाए कि 500 से अधिक संख्या, उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणाम व जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं के नामांकन वाले जंक्शन के एकमात्र राबाउमावि का चयन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम के लिए क्यों किया गया। इसको लेकर अभियान शुरू कर दिया।
जागे लोग, मिला सहयोग
बालिका विद्यालय को बंद कर वहां अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खोलने से होने वाली समस्याओं को लेकर पत्रिका ने 'बेटियां मांग रही शिक्षा का अधिकार' अभियान के तहत निरंतर खबरें प्रकाशित की। इसमें बताया कि शहर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक दर्जनों विद्यालय समायोजन के तहत बंद किए गए थे। उनके भवन बेकार पड़े हैं। वहां पर अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खोला जा सकता था। इसके बावजूद सैकड़ों की संख्या वाले बालिका स्कूल का चयन कर सरकार ने ही बालिका शिक्षा में पलीता लगा दिया। अभियान के जरिए बताया कि जंक्शन क्षेत्र में चार-पांच किलोमीटर के दायरे में उच्च माध्यमिक स्तर का राजकीय बालिका स्कूल ही नहीं है। ऐसे में विद्यालय में पड़ रही जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं को विद्यालय छोडऩा पड़ सकता है। इसके बाद शहर के कई संगठन व नागरिक सक्रिय हुए। शिक्षा मंत्री, स्थानीय विधायक से लेकर जिला प्रशासन तक को ज्ञापन दिए गए। उसका परिणाम यह रहा कि शिक्षा विभाग ने नया प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें जंक्शन की कैनाल कॉलोनी स्थित राउप्रावि के भवन का नाम सुझाया गया। पत्रिका के अभियान के बाद लोग जागे। स्थानीय विधायक चौधरी विनोद कुमार, जिले के दौरे पर आए प्रभारी तथा शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा को ज्ञापन दिए गए। विधायक विनोद कुमार ने इस मुद्दे की गंभीरता समझते हुए संवेदनशीलता के साथ शिक्षा मंत्री तक बात पहुंचाई। अंतत: सबके प्रयासों से सकारात्मक परिणाम आया।
बताई बाकी जिलों की स्थिति
पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर बताया कि जिला मुख्यालय पर लगभग हर वार्ड में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इनमें से कई संचालित हैं तथा कई सरकार पहले ही समानीकरण के चलते बंद कर चुकी है। इसके बावजूद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए राबाउमावि का चयन क्यों किया गया। साथ ही यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से जारी सूची में चार जिलों में राउप्रावि का अंग्रेजी माध्यमिक के महात्मा गांधी विद्यालय खोलने के लिए चयन किया गया है। इसमें राउप्रावि संख्या 15 चूरू, राउप्रावि इंगानप जैसलमेर, राउप्रावि खीरदेसर, झुंझुनू तथा राउप्रावि पालीवाल गली प्रतापगढ़ शामिल है। इसके बाद हनुमानगढ़ में भी इसी दिशा में प्रयास किया गया जो सिरे चढ़ गया।
केवी जाने तक समसा कार्यालय में चले
कैनाल कॉलोनी स्थित राउप्रावि के भवन में अभी केन्द्रीय विद्यालय चल रहा है। इसका स्थाई भवन अबोहर बाइपास पर निर्माणाधीन है। इसके लिए ठेकेदार ने 31 जुलाई का समय दे रखा है। केवी के प्राचार्य अनिल कुमार ने बताया कि उनका विद्यालय संभवत: सितम्बर तक नए भवन में शिफ्ट होगा। इस स्थिति में दो-तीन महीने तक महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय को राउप्रावि कैनाल कॉलोनी परिसर स्थित उस भवन में चलाया जा सकता है जहां अभी समसा के कई अधिकारी व कर्मचारी बैठते हैं। समसा के आधे कर्मचारी संगरिया रोड स्थित डीईओ माध्यमिक कार्यालय परिसर में बैठते हैं। अत: कैनाल कॉलोनी से समसा के सभी कार्मिकों को हटाकर उनको डीईओ कार्यालय परिसर में ड्यूटी करने के आदेश दिए जाए। वे हाजिरी लगाने के लिए डीईओ कार्यालय ही जाते हैं। इससे बेवजह समय तथा पेट्रोल खर्च होता है। उनकी मॉनीटरिंग भी संगरिया रोड स्थित डीडी कार्यालय से नहीं हो पाती।
क्यों बदलना पड़ा आदेश
- 500 से अधिक नामांकन वाला जंक्शन इलाके का एकमात्र उच्च माध्यमिक स्तर का बालिका स्कूल बंद हो रहा था।
- इस विद्यालय में अधिकांश जरूरतमंद परिवारों की बालिकाएं अध्ययनरत। ऐसे में ड्रॉपआउट की थी आशंका।
- शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को दरकिनार कर जमीनी हकीकत जाने बगैर किया गया था राबाउमावि जंक्शन का चयन।
- स्थानीय विधायक से लेकर शहर के संवेदनशील व जागरूक लोग थे पुराने आदेश से नाखुश।
- 14 जून को आदेश जारी होने के अगले दिन शिक्षा मंत्री व प्रभारी मंत्री गोविन्द डोटासरा जिले के दौरे पर आए। उनके समक्ष अलग-अलग लोगों ने प्रमुखता से यह मुद्दा उठाया।
होंगे 255 एडमिशन, 27 तक आवेदन
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में पहले साल 255 एडमिशन दिए जाएंगे। इसके लिए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभिभावक अपने बच्चों के प्रवेश के आवेदन जंक्शन स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में जमा करवा सकते हैं। फिलहाल प्रवेश के आवेदन सहित अन्य कार्यवाही राबाउमावि जंक्शन में ही होगी। हालांकि बाद में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय का संचालन कैनाल कॉलोनी में होगा। अभी वहां केवी का संचालन होने के कारण अस्थाई तौर पर प्रवेश संबंधी प्रक्रिया राबाउमावि में सम्पन्न कराई जा रही है।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक (मुख्यालय) रणवीर शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम कैनाल कॉलोनी में पहले साल कक्षा एक से पांच तक कुल 150 प्रवेश दिए जाएंगे। मतलब प्रत्येक कक्षा में 30 बच्चे होंगे। इसी तरह कक्षा छह से आठ तक हर कक्षा में 35 व कुल 105 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। पहले साल कक्षा आठ तक विद्यालय का संचालन होगा। अगले दो साल में कक्षा नौ व दसवीं में प्रवेश दिया जाएगा। इस तरह निरंतर कक्षाएं बढ़ाकर इसे उच्च माध्यमिक स्तर तक ले जाया जाएगा।
साक्षात्कार आज से
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए डाइट कार्यालय में बुधवार व गुरुवार को साक्षात्कार रखे गए हैं। इसमें माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा में नियुक्त सरकारी कार्मिक ही शामिल हो सकते हैं। डीईओ माध्यमिक मुख्यालय राजेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि शिक्षक लेवल प्रथम, द्वितीय, शारीरिक शिक्षक, वरिष्ठ व कनिष्ठ सहायक सहित कई पदों के लिए दो दिन साक्षात्कार लिए जाएंगे। गौरतलब है कि प्राचार्य की नियुक्ति पहले ही शिक्षा विभाग कर चुका है।
Published on:
26 Jun 2019 12:28 pm
