घग्घर नदी के पुल पर एक तरफ से धंसी सड़क
सकते में प्रशासन मौके पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मरम्मत करवाने में जुटे
हनुमानगढ़. टाउन जंक्शन मार्ग स्थित घग्घर नदी के ऊपर बने पुल की एक तरफ की सड़क धंस गई। कुछ ही देर में टाउन जंक्शन में पुल धंसने की अफवाह फैल गई। एक तरफ सड़क धंसने के कारण पांच फीट गहरा गड्ढ़ा हो गया। सूचना मिलने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गड्ढ़ों को भरवाया जाने लगा। गड्ढ़ा होने से टाउन-जंक्शन रोड पर आवागमन बाधित रहा। घग्घर नदी के उफान पर होने की स्थिति में पुल पर गड्ढ़ा बनने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों में हडक़ंप मच गया। उपखण्ड अधिकारी डॉ. अवि गर्ग व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर मरम्मत का कार्य शुरू करवाया। खुदाई करवाने पर पता चला कि सडक़ के नीचे से मिट्टी धंसी थी। भर्ती करवा सडक़ दोबारा आवागमन के लिए खोल दी गई। हनुमानगढ़, टिब्बी, पीलीबंगा के स्कूलों में कल से छुट्टियां हनुमानगढ़ घग्घर नदी में भारी मात्रा में पानी की आवक से मंडराया बाढ़ का खतरा टलने की बजाए बढ़ता जा रहा है। घग्घर में पानी की अधिक आवक को देखते हुए सुरक्षात्मक दृष्टि से शनिवार से हनुमानगढ़, टिब्बी, पीलीबंगा के स्कूलों में अनिश्चितकालीन समय के लिए छुट्टियां रहेंगी। इस संबंध में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग ने शुक्रवार को आदेश जारी किए। जानकारी के अनुसार हरियाणा में ओटू हैड पर अप स्ट्रीम में 20 हजार क्यूसेक पानी आ रहा था जो लगातार बढ़ रहा है। ओटू हैड से डाउन स्ट्रीम में 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह अतिरिक्त पान शुक्रवार शाम तक हनुमानगढ़ जिले में पहुंचेगा गुल्लाचिक्का हैड पर ओवरफ्लो पानी चल रहा था। वहीं खनौरी हैड पर 17500 क्यूसेक, चांदपुर हैड पर 16220 क्यूसेक, ओटू हैड पर 17000 क्यूसेक, घग्घर साइफन में 8100 क्यूसेक, नाली बेड में 4000, आरडी 42 जीडीसी में 4000 व एसओजी ब्रांच में 1540 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। घग्घर नदी में आई केली निकालने का कार्य एक्सक्वेटर मशीनों के जरिए जारी रहा। नगर परिषद की ओर से घग्घर के आसपास के इलाकों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इन इलाकों में मुनियादी करवाई जा रही है। जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग ने बताया कि घग्घर में पानी की अधिक आवक को देखते हुए प्रशासन व पुलिस अलर्ट मोड पर है। स्थिति पर लगातार नजर रखकर निगरानी की जा रही है। हरियाणा-पंजाब के प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर हर तीन घंटे बाद पानी की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। पड़ोसी राज्यों के सिंचाई विभाग के अधिकारियों के भी सम्पर्क में हैं। उन्होंने बताया कि नाली बेड के अलावा घग्घर डायवर्जन कैनाल में डायवर्जन रहेगी। इसके साथ-साथ यह प्रयास किया जा रहा है कि पानी को डायवर्ट कर इंदिरा गांधी नहर परियोजना में डाला जाए। जिला कलक्टर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस स्थिति में घबराने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है। उत्तरी भारत में पैदा हुई बाढ़ की स्थिति के चलते आगे दो दिन में बहाव क्षेत्र और बढऩे की संभावना है। ऐसे में आमजन प्रशासन का सहयोग करे। सुरक्षा की दृष्टि से बुजुर्गांे व बच्चों को सुरक्षित जगह पर भेज दें। जरूरत पडऩे पर पूरा प्रशासन व टीम मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जिला कलक्टर ने बताया कि ठहरने के लिए राहत कैंप चिह्नित कर लिए गए हैं। बहाव क्षेत्र के निचले इलाके में रहने वाले मवेशियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का कार्य प्रशासन की ओर से शुरू कर दिया गया है। मवेशियों को शिफ्ट करने में मदद के लिए भी प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। इसके साथ-साथ निचले क्षेत्रों में स्थित अस्पतालों में पूरी दवाइयां और चिकित्सकों की व्यवस्था की है ताकि आने वाली स्थिति से पार पाई जा सके। जिला कलक्टर ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार से हनुमानगढ़, टिब्बी व पीलीबंगा तहसील क्षेत्र के सरकारी और निजी विद्यालय बंद रखे जाएंगे। जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की कि आगामी तीन-चार दिन में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। प्रशासन की ओर से समय-समय पर दी जाने वाली सूचनाओं व एडवाइजरी का लगातार अनुसरण करें।