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नहर में पानी पहुंचने पर मुख्य अभियंता ने की पूजा अर्चना,बंदी खत्म होने के बाद इंदिरागांधी नहर में पानी प्रवाहित

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. बंदी खत्म होने के बाद इंदिरागांधी नहर में पानी प्रवाहित कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने बताया कि आरडी 582 पर पानी पहुंच गया है।  

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नहर में पानी पहुंचने पर मुख्य अभियंता ने की पूजा अर्चना,बंदी खत्म होने के बाद इंदिरागांधी नहर में पानी प्रवाहित
-प्रदेश में खुशहाली लाने वाली नहर की हालत पहले की तुलना में हुई अच्छी

हनुमानगढ़. बंदी खत्म होने के बाद इंदिरागांधी नहर में पानी प्रवाहित कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने बताया कि आरडी 582 पर पानी पहुंच गया है। पौंड मेनटेन करने के बाद जल्द मसीतांवाली हैड पर पानी पहुंचने पर पहले पेयजल के तौर पर नहर में पानी चलाया जाएगा। इसके बाद आठ जून से इंदिरागांंधी नहर को तीन में एक समूह में चलाकर सिंचाई पानी चलाएंगे। वर्तमान में नहर में 7500 क्यूसेक पानी चलने की बात अधिकारी कह रहे हैं। करीब एक माह की बंदी के बाद सबको नहर में पानी चलने का इंतजार है। इंदिरागांधी नहर में पानी चलने पर हनुमानगढ़ के अलावा श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुंनू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर सहित प्रदेश के बारह जिलों में पेयजल व सिंचाई पानी की आपूर्ति हो सकेगी। गत एक माह से नहर में बेड लाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य चलने की वजह से बंदी चल रही थी। अब इसमें पानी प्रवाहित कर दिया गया है। शीघ्र मसीतांवाली हैड तक पानी पहुंच जाएगा। इसके बाद इस नहर में पेयजल के तौर पर 6000 क्यूसेक पानी चलाया जाएगा। पहले पेयजल डिग्गियों में पानी का भंडारण किया जाएगा। ताकि घरों में नियमित रूप से जलापूर्ति सुचारू हो सके। वहीं आरडी 582 तक पानी पहुंचने पर शुक्रवार रात को मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा सहित अन्य अभियंताओं ने भगवान विश्वकर्मा व जल देवता की पूजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख समृद्धि बनाए रखने की कामना की। मेहरड़ा ने बताया कि इस बार बंदी अवधि में सभी कार्य नियोजित तरीके से हुए। किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई। इससे तय लक्ष्य के अनुसार लाइनिंग के कार्य पूर्ण हुए हैं। साइड की लाइनिंग के बाद अब बेड लाइनिंग के कार्य पूर्ण होने पर नहर में पानी का प्रवाह तेजी से हो सकेगा। पानी की छीजत कम होगी। इससे किसानों को रेग्यूलेशन के अनुसार पानी मिल सकेगा।

खुशहाली के खोले द्वार
इंदिरागांधी नहर ने प्रदेश के कई जिलों में खुशहाली के द्वार खोले हैं। हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर में जिस तरह से आज खेती हो रही है, वह इन्हीं नहरी तंत्र के जाल के कारण संभव हो रहा है। प्रदेश में इस नहर क्षेत्र में करीब सात से आठ हजार करोड़ रुपए का अन्न उत्पादन हो रहा है।