22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हनुमानगढ़

282 करोड़ का प्रोजेक्ट करने वाली कंपनी टर्मिनेट, खुद को किया दिवालिया

282 करोड़ का प्रोजेक्ट करने वाली कंपनी टर्मिनेट, खुद को किया दिवालिया - प्रोजेक्ट फैल होने के बाद नए सिरे से नहीं बनी योजना हनुमानगढ़. शहर में पेयजल की 282 करोड़ की योजना को लेकर आरयूआईडीपी एजेंसी को टर्मिनेट कर चुकी है। जानकारी के अनुसार यह मामला आर्बिर्टेशन कोर्ट में चल रहा है।

Google source verification

282 करोड़ का प्रोजेक्ट करने वाली कंपनी टर्मिनेट, खुद को किया दिवालिया

– प्रोजेक्ट फैल होने के बाद नए सिरे से नहीं बनी योजना

हनुमानगढ़. शहर में पेयजल की 282 करोड़ की योजना को लेकर आरयूआईडीपी एजेंसी को टर्मिनेट कर चुकी है। जानकारी के अनुसार यह मामला आर्बिर्टेशन कोर्ट में चल रहा है। संबंधित निर्माण एजेंसी कोर्ट में खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट की फिर से नए सिरे से आने की उम्मीद जगी है। हालांकि अमृत योजना टू के तहत शहर में 60 करोड़ की लागत से पेयजल सिस्टम में सुधार लाने पर काम होना है। आरयूआईडीपी के 282 करोड़ में शामिल कार्यों में से उक्त 60 करोड़ के कार्य को शामिल किया गया है। पीएचईडी के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य रूडिस्को की ओर से करवाया जाना है। जनसंख्या 2051 के मुताबिक पेयजल उपलब्धता को लेकर डीपीआर तैयार की गई थी।60 करोड़ की लागत से होने वाले कार्यों में अबोहर बाइपास पर स्थित मुख्य वाटर वक्र्स में खुदाई की गई 36 एमएलडी डिग्गी का कार्य पूरा किया जाएगा। वर्तमान में हनुमानगढ़ शहर में केवल 12 एमएलडी की स्टोरेज डिग्गी है। इस पर करीब 16 करोड़ की लागत आएगी। इसके अलावा कई वार्डों में नहरी पानी की सप्लाई के लिए पेयजल पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। गौरतलब है कि पीएचईडी के अधिकारियों ने शहर के पेयजल सप्लाई ढांचे में सुधार लाने के लिए 145 करोड़ का आंकलन किया था। इसके तहत अबोहर बाइपास मुख्य वाटर वक्र्स पर 72 एमएलडी के दो आरडब्ल्यूआर का निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार किया था। एक फिल्टर प्लांट और 49 एमएलडी का सीडब्ल्यूआर का निर्माण की योजना तैयार की थी। एक सीडब्ल्यूआर का निर्माण पुरानी खुंजा इलाके में अलग से बनाने की योजना भी डीपीआर में शामिल की गई थी। लेकिन अमृत टू के तहत प्रथम चरण में 60 करोड़ की स्वीकृति ही मिली थी। टाउन व जंक्शन में मुख्य पेयजल पाइपलाइनें और इन पाइपलाइन से डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइनें डालने की योजना थी। इससे पूर्व करीब 250 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इसकी स्वीकृति भी जारी नहीं होने पर हनुमानगढ़ पीएचईडी के अधिकारियों ने नए सिरे से प्लानिंग की थी। नहरी पानी की योजना अधर में.. पेयजल पाइप लाइनों से घरों में नहरी पानी का सप्लाई होना था। वर्तमान में अधिकांश इलाकों में सबमर्सिबल व ट्यूबेल का पानी मिक्स करके उच्चजलाश्यों से सप्लाई की जाती है। पानी की बर्बादी न हो इसके लिए हनुमानगढ़ के 60 वार्डों में 40 हजार मीटर लगाने की योजना थी। शहर की करीब दो लाख आबादी को प्रति व्यक्ति 500 लीटर पानी की सप्लाई मिलने का आंकलन था। पेयजल की सप्लाई 24 घंटे करने का दावा था। लेकिन आरयूआईडीपी व संबंधित एजेंसी में आपसी तालमेल नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट फेल हो गया। अब रूडिस्को की बारी जानकारी के अनुसार राज्य स्तर पर अमतृ टू योजना के तहत हनुमानगढ़ में 60 करोड़ की लागत से पेयजल सप्लाई के प्रोजेक्ट पर काम होना प्रस्तावित है। इस कार्य को पीएचईडी की जगह रूडिस्को करवाएगी। प्रथम स्तर पर अबोहर-सूरतगढ़ बाइपास पर डिग्गी खुदाई का कार्य पूर्ण किया जाएगा। कंपनी को किया टर्मिनेट कंपनी को टर्मिनेट किया जा चुका है। आर्बिटेशन कोर्ट में कंपनी खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी है। फिलहाल कोर्ट में सुनवाई जारी है और योजना को लेकर आगामी निर्णय मुख्यालय स्तर पर तय होगा। मनीष बिश्नोई, सहायक अभियंता, आरयूआईडीपी