सम्मान के लिए धरतीपुत्रों की तरस रही आंखें, सरकारी दफ्तरोंं में धूल फांक रहे किसानों के आवेदन
-जिले के 49,574 किसानों को ईकेवाईसी के अभाव में अटकेगी अगली किश्त
पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में खेती के लिए किसानों को जो सहायता राशि दी जा रही है, वह सिस्टम की खामियों की चलते किसानों को नहीं मिल पा रही है। हाड़ तोड़ मेहनत के बावजूद किसान अपने हिस्से की खुशी के लिए तरस रहे हैं। स्थिति यह है कि पांच हजार से अधिक आवेदन ऐसे हैं, जिनका भूमि सत्यापन कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। संबंधित तहसील कार्यालयों में महीनों से उक्त आवेदन धूल फांक रहे हैं। केंद्रीय सहकारी बैंक कार्यालय स्तर पर बार-बार पत्राचार करने के बावजूद अफसर इस कार्य को प्राथमिकता से करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
इस वजह से किसानों की आंखें पीएम सम्मान निधि राशि के लिए महीनों से तरस रही है। स्थिति यह है कि तीस सितम्बर तक पात्र करीब पचास हजार ऐसे किसानों की सम्मान निधि अटक सकती है, जिन्होंने ईकेवाईसी नहीं करवाया है। तीस सितम्बर तक ईकेवाईसी नहीं कराने वाले किसानों की चुनौतियां आगे भी बढ़ सकती है। निर्धारित तिथि तक ईकेवाईसी नहीं करवाने वाले किसानों की पात्रता सरकार द्वारा समाप्त की जा सकती है। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में केन्द्र सरकार की ओर से दिसम्बर 2022 में ईकेवाईसी की पात्रता अनिवार्य रूप से लागू की गई थी। जिले में अभी तक 49,574 किसानों द्वारा ईकेवाईसी नहीं करवाई गई है। इसकी सूचियां जिले के सभी तहसीलों में भिजवाई जा चुकी है। किसान बायोमेट्रिक माध्यम से नजदीकी ई-मित्र/सीएससी सेंटर जाकर ईकेवाईसी करवा सकते हैं। तथा जिन किसानों की केवाईसी बायोमेट्रिक द्वारा नहीं हो पा रही है, वह अपने स्मार्टफोन से पीएम किसान एप्लिकेशन डाउनलोड कर चेहरे को स्कैन करके भी केवाईसी कर सकते हंै। असुविधा से बचने के लिए किसान तीस सितम्बर से पहले केवाईसी करवा लें। जिन किसानों का बैंक में आधार डीबीटी के लिए लिंक नहीं है वह किसान बैंक के अतिरिक्त पोस्ट ऑफिस में भी खाता खुलवाकर डीबीटी लिंक करवा सकते हैं।
इतने पात्र किसान
हनुमानगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कुल दो लाख 48 हजार पंजीकृत किसानों का भूमि सत्यापन हो चुका है। इनमें से करीब 49 हजार किसानों का ईकेवाईसी कार्य अब तक अधूरा है। इस बारे में किसानों को अवगत करवाया जा रहा है। ताकि समय पर इसे पूरा किया जा सके। खेती में बिजाई आदि कार्य के लिए किसानों को तीन किश्तों में दो-दो हजार के हिसाब से कुल छह हजार रुपए की राशि दी जा रही है।
5334 किसानों के हाथ खाली हाथ
हनुमानगढ़ जिले में 5334 किसानों के हाथ अब तक खाली हैं। इन किसानों का भूमि सत्यापन कार्य अब तक अधूरा है। तहसील कार्यालयों में इनके आवेदन पड़े हैं। लेकिन सत्यापन के अभाव में उक्त किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की किश्तें नहीं मिल पा रही है। केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक ने हाल ही में इस संबंध में तहसीलदारों को पत्र लिखकर उक्त कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करवाने को लेकर कहा है। ताकि पीएम किसान सम्मान निधि की शेष किश्तें किसानों को जारी की जा सके।
अब जल्द पंद्रहवीं किश्त होगी जारी
सरकार ने बीते दिनों पीएम किसान सम्मान निधि की 14वीं किश्त जारी की थी। इसमें हनुमानगढ़ जिले में करीब पचास हजार ऐसे किसान हैं, जिनको ईकेवाईसी करवाने को लेकर पाबंद किया गया है। अब जल्द योजना के तहत पंद्रहवीं किश्त जारी होने वाली है। केंद्र सरकार ने अबकी बार पाबंदी लगा दी है कि जो किसान ईकेवाईसी नहीं करवाएंगे, उनको अगली किश्त जारी नहीं होगी। केंद्र सरकार किसानों का आधार सत्यापन करवाने के प्रति गंभीर है।
………..फैक्ट फाइल….
-पीएम किसान सम्मान निधि योजना में हनुमानगढ़ जिले में 5334 किसानों के भूमि सत्यापन कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं।
-जिले में अभी तक 49,574 किसानों की ओर से ईकेवाईसी नहीं करवाई गई है।
-हनुमानगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कुल दो लाख 48 हजार किसान पंजीकृत हैं।
-जिले में चालू खरीफ सीजन में करीब 07 लाख हेक्टैयर में बिजाई की गई है।
…….वर्जन….
नियमों की बाध्यता
जिले में करीब पांच हजार किसानों का भूमि सत्यापन कार्य नहीं हो पाया है। करीब पचास हजार किसानों के ईकेवाईसी भी नहीं हुए हैं। इससे उक्त किसानों को अगली किश्त नहीं मिल सकेगी। सरकार ने अबकी बार इसे लेकर नियमों की बाध्यता लागू कर दी है। किसानों को जागरूक होकर आधार सत्यापन कार्य करवाना चाहिए। ताकि योजना की बाकी किश्तें उनको मिलती रहे।
-मनोज कुमार मान, एमडी, केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़