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एक साल पहले खरीदी थी मशीन, किया था उद्घाटन, तब से लटका ताला

एक साल पहले खरीदी थी मशीन, किया था उद्घाटन, तब से लटका ताला- 28 लाख की सोनोग्राफी मशीन नहीं आ रही कामहनुमानगढ़. जिला अस्पताल में एक साल पहले 28 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई सोनोग्राफी मशीन अभी तक धूल फांक रही है। इस मशीन को शुरू करने के लिए बकायदा उद्घाटन भी किया गया था।

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एक साल पहले खरीदी थी मशीन, किया था उद्घाटन, तब से लटका ताला

एक साल पहले खरीदी थी मशीन, किया था उद्घाटन, तब से लटका ताला


एक साल पहले खरीदी थी मशीन, किया था उद्घाटन, तब से लटका ताला
- 28 लाख की सोनोग्राफी मशीन नहीं आ रही काम
हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में एक साल पहले 28 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई सोनोग्राफी मशीन अभी तक धूल फांक रही है। इस मशीन को शुरू करने के लिए बकायदा उद्घाटन भी किया गया था। लेकिन आज तक रेडियोलोजिस्ट के अभाव में इस मशीन से एक भी रोगी की जांच नहीं हो पाई। दरअसल मशीन के उद्घाटन के बाद कागजी कार्यवाही पूरी करने के दौरान रेडियोलोजिस्ट का तबादला हो गया। तब से लेकर आज तक राज्य सरकार जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट को नहीं लगा पाई। इधर, रेडियोलोजिस्ट नहीं होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने कमरे पर ताला लटका दिया है।
वर्तमान में पुरानी सोनोग्राफी मशीन से केवल गर्भवती की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 2020 में स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलोजिस्ट डॉ. विवेक को जिला अस्पताल लगाया था। इसके चलते अस्पताल प्रशासन ने सभी तरह के रोगियों की सोनोग्राफी जांच की सुविधा शुरू कराने के लिए डीएफटी फंड से सोनोग्राफी मशीन खरीदने की कार्यवाही की थी। आनन-फानन में सोनोग्राफी मशीन की संचालन की कार्यवाही पूरी करने से पहले उद्घाटन तक करवा दिया गया था। इसके बाद मशीन की संचालन की प्रक्रिया जैसे ही पूरी हुई तो स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलोजिस्ट डॉ. विवेक का तबादला चूरू कर दिया गया। तब से लेकर अभी तक सभी रोगियों की सोनोग्राफी जांच की सुविधा शुरू होने से पहले ही ठप हो गई।

दरें भी तय हो चुकी थी
मशीन की कागजी प्रक्रिया के बाद जिला अस्पताल प्रशासन नई सोनोग्राफी मशीन से जांच कराने के लिए दरें भी तय की। गर्दन, थायराइयड, ब्रेस्ट, एग्जीला, स्क्रोटम आदि की जांच के लिए 150 रुपए निर्धारित हैं।
यूएसजी कलर डोपलर के लिए 600 रुपए व ईकोकाडियोग्राफी के लिए 550 रुपए हैं। जबकि रोगी के पेट की सामान्य सोनोग्राफी निशुल्क तय किया जा चुका है। लेकिन रेडियोलोजिस्ट नहीं होने से रोगियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा।

रेडियोलोजिस्ट दो, एक ही कर सकता है जांच
जिला अस्पताल में दो रेडियोलोजिस्ट है और वर्तमान में एमसीएच यूनिट में एक ही सोनोग्राफी मशीन का संचालन किया जा रहा है। इस मशीन से केवल जेएसएसवाई योजना के तहत गर्भवती की ही जांच की सुविधा है। ओपीडी समय में प्रतिदिन 25 से 30 जनों की ही जांच हो पाती है। दूसरे रेडियोलोजिस्ट का अभी तक रजिस्ट्रशन नहीं होने से नियमों के तहत जांच रिपोर्ट जारी नहीं कर सकते।

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