मृतक युवती के परिजनों ने धरना लगाकर जताया रोष
-निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हनुमानगढ़. हॉस्टल में युवती का शव मिलने के मामले में परिजनों ने बुधवार को टाउन के पास शेरगढ़ चौकी के सामने धरना लगाकर रोष जताया। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कई देर तक नारेबाजी की। उक्त घटनाक्रम से इस मामले में नया मोड़ आ गया। टाउन में नई आबादी स्थित हॉस्टल में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही 21 वर्षीय छात्रा प्रियंका मेघवाल की ओर से पंखे पर लटककर आत्महत्या करने के मामले ने अचानक तूल पकड़ लिया। गांव कुम्हारांवाली (भूनावाली ढाणी) निवासी मृतका प्रियंका पुत्री शिवकरण मेघवाल के परिजनों ने प्रियंका की हत्या किए जाने का शक जताया है। टाउन थाना पुलिस पर जान-बूझकर हत्या को आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाया। इस घटना को लेकर परिजनों ने बुधवार को दलित समाज के संगठनों के सदस्यों के साथ शेरगढ़ पुलिस चौकी के समक्ष धरना दिया। धरनार्थियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। मृतका प्रियंका के परिजनों के अनुसार प्रियंका हनुमानगढ़ टाउन में नई आबादी स्थित एक हॉस्टल में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही थी। 26 अगस्त को प्रियंका की हत्या हो गई। आरोप है कि मामले में पुलिस जान-बूझकर हत्या को आत्महत्या बता रही है। क्योंकि मौके पर मिले सुसाइड नोट की लिखावट प्रियंका की लिखावट से अलग है। मांग के संबंध में चौकी प्रभारी को ज्ञापन भी सौंपा। आंदोलन में शामिल रघुवीर वर्मा ने बताया कि हमारी मांग है कि इस मामले में लिखावट की एफएसएल जांच हो। ताकि यह पता चल सके, सुसाइड नोट किसने लिखा था। इसके अलावा मोबाइल की जांच भी हो। ताकि पता चल सके कि असलियत क्या है। इन मांगों को लेकर पुलिस की ओर से एक बार सकारात्मक आश्वासन मिला है। मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आगे आंदोलन तेज करेंगे। महावीर सहजीपुरा, प्रेमराज नायक, रेवन्तराम पंवार, लालचन्द, रामगोपाल परिहार, राजेंद्र कुमार, सुनील, नरेन्द्र, विजयपाल, सुभाष, संदीपसिंह, ओमप्रकाश आदि मौजूद थे। गौरतलब है कि 26 अगस्त को प्रियंका का शव टाउन में नई आबादी स्थित हॉस्टल के कमरे में पंखे पर झूलता मिला था। सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला। पुलिस इस मामले में कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच करने में जुटी हुई है।