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21 साल की उम्र में तस्करी, अब भुगतनी होगी 20 साल कारावास की सजा

11250 नशीली टेबलेट तस्करी का वर्ष 2019 का सदर थाने का प्रकरण, विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस प्रकरण हनुमानगढ़ ने सुनाई सजा, दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया

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हनुमानगढ़ स्थित विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस प्रकरण।

हनुमानगढ़ स्थित विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस प्रकरण।

हनुमानगढ़. नशीली दवा तस्करी के मामले में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस प्रकरण हनुमानगढ़ ने शुक्रवार को एक जने को दोषी करार दिया। उसको 20 साल कारावास एवं दो लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार 28 अगस्त 2019 की दोपहर को सदर थाने के तत्कालीन प्रभारी लखवीर सिंह ने मय टीम गश्त के दौरान 14-15 एसटीजी नहर पुलिया रोही डबलीराठान में संदिग्ध युवक को बैग लेकर जाते देखा। पुलिस ने उससे पूछताछ की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसकी तलाशी ली तो बैग से एनडीपीएस घटक के ट्रामाडॉल हाइड्रोक्लॉराइड टेबलेट के 45 डिब्बे मिले। उनके में कुल 11250 टेबलेट थी। आरोपी वीर सिंह उर्फ लड्डू (21) पुत्र फकीरचंद मजहबी निवासी वार्ड नम्बर सात मसरूहवाला पीएस सदर के पास दवा के भंडारण व परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस ने दवा जब्त कर वीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जांच कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने वीर सिंह को सजा सुनाई।

अधिकतम दंड से दंडित

विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में बढ़ते नशे और तस्करी के समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए दोषियों को अधिकतम दंड से दंडित कराने का निवेदन न्यायालय से करते हैं। नशा तस्करी के प्रकरणों में निरंतर त्वरित गति से फैसले हो रहे हैं। नशा न केवल कानूनी बल्कि कई सामाजिक व आर्थिक समस्याएं भी पैदा करता है। अत: इसकी रोकथाम में सबको भागीदारी निभानी होगी।