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धानक को धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र देने पर आदिवासी मीणा समाज ने जताया विरोध

धानक को धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र देने पर आदिवासी मीणा समाज ने जताया विरोध - जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप आंदोलन की दी चेतावनी हनुमानगढ़. धानक जाति के लोगों को धानका जाति (एसटी) के प्रमाण पत्र बनने के विरोध में आदिवासी मीणा समाज ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

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धानक को धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र देने पर आदिवासी मीणा समाज ने जताया विरोध

धानक को धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र देने पर आदिवासी मीणा समाज ने जताया विरोध


धानक को धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र देने पर आदिवासी मीणा समाज ने जताया विरोध
- जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप आंदोलन की दी चेतावनी

हनुमानगढ़. धानक जाति के लोगों को धानका जाति (एसटी) के प्रमाण पत्र बनने के विरोध में आदिवासी मीणा समाज ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि वर्तमान में धानक (एससी) जाति के लोगों द्वारा राजनैतिक व ज्ञापन प्रदर्शनों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र बनाने वाले सक्षम अधिकारियों व उच्च अधिकारियों पर धानका (एसटी) जाति का प्रमाण पत्र जारी करवाने का दबाव बनाया जा रहा है जो कि गलत है। मीणा समाज के जिला अध्यक्ष बजरंग लाल मीणा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राजस्थान राज्य के लिए जारी गजट नोटिफिकेशन एससी एसटी आदेश संशोधन अधिनियम 1976 एवम् हिन्दी संस्करण 1979 के अनुसार धानका को एस.टी. की सूची में क्रम संख्या 4 पर अधिसूचित किया गया है तथा धानक एवम् धानसिया जातियों को एससी जाति में क्रम संख्या 20 व 21 पर अधिसूचित किया गया है। बजरंग मीणा ने बताया वर्तमान में जो नये एस.टी. के जाति प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है उसे मात्र सरपंच, पंच, पार्षद की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि धानक परिवारों द्वारा पूर्व में एस.सी का प्रमाण पत्र बनवाकर कृषि, आवासीय भूमियां आवंटन करवाते हुए स्कूल, कॉलेजों में प्रवेश, छात्रवृतियां, एससी की आरक्षित सीटों पर सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, चेयरमैन, पार्षद, सरपंच जैसे राजनेतिक व आर्थिक लाभ उठाएं गए और वर्तमान में भी उठाए जा रहे है। यहां तक कि एस.सी के प्रमाण पत्रों पर सरकारी नौकरी का लाभ प्राप्त कर सेवानिवृत हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि उक्त लोगो द्वारा अपने बच्चों, संबंधियों का धानका जाति का प्रमाण पत्र बना लिये है एवं वर्तमान में बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जिले में पूर्व में धानका जाति (एस.टी.) के प्रमाण पत्र बनाये गये थे जिसे बाद में निरस्त कर दिए गए। फिर से धानका जाति का प्रमाण पत्र बनवाना चाह रहे है यदि ऐसा होता है तो जिले में राजस्व विवाद उत्पन्न हो जायेगा। ज्ञापन में धानक समाज के लोगो को धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र न जारी करने की व पूर्व में बिना किसी साक्ष्य के जारी किए गए प्रमाण पत्रों को खारिज करने की मांग की गई। इस मौके पर आदिवासी मीणा समाज के उपाध्यक्ष भागचंद मीणा, संगठन मंत्री पप्पू राम मीणा, प्रचार मंत्री पवन मीणा, सुभाष मीना आदि मौजूद रहे।