गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए अपग्रेड का काम जल्द होगा शुरू
– रूडिस्को से ड्राइंग की अप्रूवल का इंतजार
– 50.40 करोड़ की लागत से होगा काम
हनुमानगढ़. अमृत योजना टू के तहत शहर में गंदे पानी को ट्रीट करने का काम 50.40 करोड़ की लागत से जल्द शुरू होने वाला है। इसकी ड्राइंग तैयार कर रूडिस्को को अप्रूवल करने के लिए भेजी गई है। दिल्ली की कंपनी ईएमएस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जंक्शन के तीन वार्डों में सीवरेज पाइप लाइनें बिछाने और एसटीपी का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी दस साल तक एसटीपी का संचालन भी करेगी। इसकी मॉनटरिंग नगर परिषद के अधिकारी करेंगे। कनिष्ठ अभियंता विनोद पचार के अनुसार 13 एमएलडी का एसटीपी होगा और इसमें पानी ट्रीट करने की क्षमता 10 एमजी बीओडी प्रतिलीटर होगी। इस पानी को खेती के लिए सप्लाई किया जाएगाा। इसके अलावा टाउन व जंक्शन में दो नए उच्च जलाश्य का निर्माण होगा। इन्हीं उच्च जलाश्यों में पानी को ट्रीट कर स्टोर किया जाएगा और पाइप लाइनों के जरिए खेतों में सप्लाई किया जाएगा। इस कार्य पर करीब 12 करोड़ की लागत का आंकलन किया गया है। जंक्शन में सूरतगढ़-अबोहर बाइपास स्थित एसटीपी में उच्च जलाश्य का निर्माण होगा। यहां से सीवरेज के पानी को ट्रीट कर जोड़कियां व गांव रोड़वाली की तरफ खेतों में छोडने के पाइपलाइन बिछाई जाएगी। वहीं टाउन-जंक्शन मार्ग पर स्थित एसटीपी में भी एक उच्च जलाश्य का निर्माण होगा। यहां से नाथांवाली थेड़ी के खेतों में पानी की सप्लाई होगी। अनुमान है कि टाउन में पांच सौ बीघा भूमि व जंक्शन में भी पांच सौ बीघा भूमि को पानी सप्लाई किया जा सकेगा। एक उच्च जलाश्य में पानी स्टोर की क्षमता ढाई लाख लीटर होगी। खेतों में पानी की सप्लाई देने पर नगर परिषद शुल्क भी वसूलेगी। यह कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।
ये डलेंगी पाइपलाइन
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर 150 एमएम की पाइप लाइन बिछेगी। खेतों में पाइप डालने के लिए प्लास्टिक की पाइपलाइनें डाली जाएंगी। इसके अलावा जंक्शन के तीन वार्ड में सीवरेज लाइन बिछाने का भी काम होगा। वार्ड के 1040 मकानों का सीवरेज कनेक्शन किया जाना है। इस पर करीब 77 लाख रुपए की लागत आएगी। सीवरेज पाइप लाइनें बिछाने व सड़कों की पुन: मरम्मत पर 13 करोड़ पर खर्च होंगे। 3 करोड़ 68 लाख रुपए का एक पंप स्टेशन भी बनेगा। 7.5 एमएलडी एसटीपी को अपग्रेड कर 13 एमएलडी क्षमता तक करने की योजना तैयार की गई है। इसमें ट्रीट कर पानी को ओवरहेड टैंक में स्टोर किया जाएगा। एक ओवरहेड टैंक का निर्माण टाउन में होगा तो दूसरा जंक्शन में। इस कार्य पर 27 करोड़ की लागत का आंकलन किया गया है। इन सभी पंप स्टेशन को सोलर पावर से चलाया जाएगा ताकि बिजली की खपत को कम किया जा सके। इस पर करीब पौने तीन करोड़रुपए खर्च होंगे। सीवरेज की पाइप लाइने बिछाने वाली कंपनी को दस साल तक रख-रखाव करना होगी। रख-रखाव कार्य पर 4 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च होंगे।