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Video: जॉनी लीवर की शक्ल, पीएम मोदी की मिमिक्री ने खींचा ध्यान

- पेट की आग बुझाने को बने कलाकार - कॉमेडी स्टार जॉनी लीवर से मिलती है राकेश की शक्ल - फ़िल्म कब्बडी 5 को होगी रिलीज  

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hanumangarh rajesh doing mimicry of narender modi

hanumangarh rajesh doing mimicry of narender modi

हनुमानगढ़. पेट की भूख भी इंसान को कई बार कलाकार बना देती है। ऐसी ही कहानी है नवोदित कलाकार राकेश लोहरा की। गांव बड़ोपल की सेम प्रभावित क्षेत्र में उसका परिवार बड़ी मुश्किल से दो जून रोटी की जुगाड़ कर पाता था। लेकिन बड़े लोगों की नकल करने का शौक उसे छठी कक्षा में लग गया। गरीबी के कारण बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी कर वह मिमिक्री करने लगा। जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात अभिनेता मुकेश खन्ना से हुई। खन्ना उसे वर्ष २०११ में मुम्बई ले गए। जहां उसे पहचान बनाने में काफी वक्त लगा।

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छोटे पर्दे के अलावा राकेश ने कुछ बड़े पर्दे की फिल्मों में मिमिक्री कर वहां फिल्मी दुनियां में पहचान बनाई। जिसकी बदौलत उसे अब फिल्म कबड्डी में कॉमेडियन का रोल मिला। पांच जनवरी को देश के अलावा विदेशों में यह फिल्म रीलीज हो रही है। इस फिल्म में राकेश ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत पांच सौ रुपए के लगाए गए जुर्माने के बाद कब्जी की रोग वाले लोगों को किस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, उसका उल्लेख जॉनी लीवर के अंदाज में किया है।

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साथ ही स्वच्छता पर आधारित पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण की मिमिक्री को लोगों ने खूब सराहा है। जल्द ही राकेश हिंदी फिल्म 'लौट आओ पापाÓ में भी नजर आएगा। कॉमेडी स्टार जॉनी लीवर की नकल करना राकेश को बहुत अच्छा लगता है। शायद कुदरत ने इसलिए उसकी शक्ल भी जॉनी से मिलती-जुलती बनाई। कबड्डी फिल्म का निर्देशन एसपी निम्बावत ने किया है। राकेश लोहरा के अलावा डायना खान, आदिल शर्मा, उर्मिला शर्मा, श्रावणी गोस्वामी, इशरत खान, रजा मुराद, आदि कलाकारों ने इस फिल्म में अभिनय किया है।

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दाव-पेच से सीख महिलाओं को बराबरी का हक दिलाने के संदेश पर आधारित फिल्म कबड्डी देशभर के सिनेमाघरों में पांच जनवरी को रीलीज होने जा रही है। फिल्म की लागत करीब पांच करोड़ बताई जा रही है। लड़का-लड़की की परवरिश में किस तरह का भेद समाज में हो रहा है तथा समाज की सोच में किस तरह से बदलाव संभव है, इन बिंदुओं को फिल्म में खास तौर पर फोकस किया गया है। साथ ही कबड्डी के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाने के लिए इसके फायदे भी बताए गए हैं।

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भू्रण परीक्षण का विरोध निर्देशक एसपी निम्बावत ने बताया कि यह फिल्म भू्रण परीक्षण का पुरजोर विरोध करती है। बेटियों को समान हक दिलाने को लेकर एक पिता के संघर्ष की कहानी को इसमें दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ के कलाकार राकेश लोहरा में फिल्म इंडस्ट्रीज को एक स्टार कॉमेडियन नजर आ रहा है। संघर्ष से लड़ते हुए जिस तरह से उसने अब तक का मुकाम हासिल किया है, वह काबिले तारीफ है। मंगलवार को जंक्शन के किसान भवन में फिल्म कबड्डी के पोस्टर का विमोचन किया गया।

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