
theft with murder in sangria
संगरिया. 'देखो साब! एक तो हमारे घर चोरी हो गई ऊपर से हमारे दादा की मारपीट व गला घोंटने से उखड़ी सांसे सदा के लिए बंद हो गई। पुलिस वालों को एक अक्टूबर से गुहार लगा रहे हैं लेकिन ना तो मामला दर्ज किया ना कार्रवाई की उल्टा हमें धमकियां दे रहे हैं। एसपी तक जाकर हाथ जोड़े, पर कुछ नहीं हुआ। ये आरोप शुक्रवार सुबह दस बजे उपचार के दौरान दम तोड़ चुके वृद्ध वार्ड पांच अमरपुराजालू (खाट) निवासी ख्यालीराम (७०) पुत्र ईशरराम मेघवाल का शव पुलिस थाने लेकर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने लगाए। वे कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्य द्वार के सामने बैठ गए।
डीएसपी देवानंद व थाना प्रभारी मोहरसिंह पूनियां से निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने पर करीब बारह बजे राजकीय चिकित्सालय मोर्चरी रुम में शव को लेकर गए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर बाद पोस्टमॉर्टम एक बजे शव परिजनों को सौंपा। इस मौके सरपंच राजेंद्र मूंड, पूर्व उप जिला प्रमुख गुरदीप शाहपीनी, पूर्व बार संघ अध्यक्ष पार्षद दीपेंद्र जाखड़, एडवोकेट कुलदीप मूंड, माकपा के शिवभगवान बिश्रोई, मृतक के पुत्र रामस्वरुप, पौत्र छोटूराम, ग्रामीण राजेंद्र गोदारा, भालाराम, बलराम, शेरसिंह, गिरधारीलाल, रवि, किशोरीलाल, कर्मसिंह, राज कुमार व अन्य मौजूद थे। मामले की जांच खुद डीएसपी देवानंद कर रहे हैं। हस्पताल में डीएसपी, थाना प्रभारी ने अपनी मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई करवाई। उनके रीडर उम्मेदसिंह ने साक्ष्य व बयान कलमबद्ध किए।
ये है मामला
मृतक ख्यालीराम के पौत्र छोटू राम मेघवाल ने पुलिस को बताया कि पिछले कई दिनों से उनके घर गांव का मोहनलाल पुत्र चुन्नाराम कुम्हार उसके दादा ख्यालीराम के पास आता-जाता था। एक अक्टूबर को घर के लोग खेत मजदूरी के लिए गए थे। पीछे से करीब एक बजे अकेले दादा को देख मोहनलाल एक अन्य व्यक्ति के साथ घर में घुस गया। दादा से रुपए मांगे तो उन्होंने इंकार कर दिया। इस पर उन्होंने मारपीट कर जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया। दादा के ऊपर बैठने से वे बेहोश हो गए। दो संदूकों के कुंडे तोड़कर उसमें रखे दस हजार रुपए लेकर भाग गए।
आस-पड़ौसे से मिली सूचना पर जब घर आए तो गंभीर हालत में दादा को संगरिया से प्राथमिक उपचार के बाद रात दो बजे हनुमानगढ़ ले गए। कंठ पर सोजन व दर्द से खाने-पीने के साथ सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई। शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे उपचार दौरान मौत हो गई। आरोप लगाया कि पहले चाचा रामस्वरुप को भी मोहन के भाई कृष्णलाल ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस आशय का अगले दिन थाने में प्रार्थना-पत्र दिया। डीएसपी व एसपी से गुहार लगाई लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ।
Published on:
13 Oct 2017 03:54 pm
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