सभी तरह की कमियां दूर कर लेने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि और स्टॉफ की जरूरत भी पड़ेगी, इसकी व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। अप्रेल के दूसरे सप्ताह में ट्रेन संचालन की आ रही खबरों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इस ट्रेक पर कब तक ट्रेन चलेगी, इस बारे में वह स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके। डीआरएम ने रेलवे स्टेशन, यार्ड सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को समय पूर्व सभी तरह की कमियां दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ स्टेशन के विस्तार का काम चल रहा है। इस स्टेशन पर 40 वर्ष बाद यात्रियों को क्या सुविधाएं दी जा सकती है, इसका मूल्यांकन कर रहे हैं। इसके आधार पर सभी तरह की सुविधाएं स्टेशन पर मुहैया करवाई जाएगी। डबल विंडो व स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार की मांग पर डीआरएम ने कहा कि इसका सर्वे चल रहा है।
डीआरएम ने इस मौके पर 68 लाख की लागत से जंक्शन स्टेशन पर नव निर्मित ल्यूब ऑयल भंडारण टैंक का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि ओपन रेलवे लाइन में इस तरह का भंडारण टैंक उत्तर पश्चिम मंडल में फुलेरा के बाद दूसरा हनुमानगढ़ में बना है। इससे ट्रेनों के संचालन में सुविधा रहेगी तथा रेलवे को बचत भी होगी।
प्लान में हनुमानगढ़
रीडवलपमेंट प्लान में हनुमानगढ़ स्टेशन को शामिल किया गया है। देशभर में 400 से अधिक स्टेशनों को विकसित करने का रेलवे ने निर्णय लिया है। इसके तहत यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की योजना पर काम होगा। डीआरएम ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जंक्शन रेलवे स्टेशन के विकास का प्लान तैयार कर रहे हैं। डीआरएम ने स्टेशन के निरीक्षण के दौरान रेहड़ी चालकों को रेट लिस्ट प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। इस मौके पर क्षेत्र में अंडरपास बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर नागरिकों ने डीआरएम को ज्ञापन भी सौंपा। विजय कौशिक सहित अन्य मौजूद थे।
लाखों की बचत
जंक्शन स्टेशन पर ल्यूब ऑयल भंडारण टैंक का शुभारंभ होने के बाद रेलवे को सलाना कई लाख रुपए की बचत होगी। साथ ही ऑटामैटिक सिस्टम से कार्य होने से कार्य में आसानी रहेगी। पूर्व में दूसरी जगह से टैंकर से फ्यूल की आपूर्ति करवाकर ट्रेनों का संचालन किया जाता था। इससे अनावश्यक रूप से छीजत होने की बात भी अधिकारियों ने कही। मगर अब भंडारण टैंक की सुविधा यहां पर होने से इसमें आसानी रहेगी। इंडियन ऑयल के सहयोग से यह कार्य संभव हुआ है।