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गरीबों को बांट रहे मिट्टी मिला गेहूं

खाद्य विभाग ने 660 क्विंटल अनाज उचित मूल्य की दुकानों पर भिजवाया  बाढ़ पीडि़तों को खराब गेहूं दिए, लोगों में आक्रोश

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Sanket Shrivastava

Jul 24, 2016

shoppers

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हरदा।
10 जुलाई को भारी बारिश के अजनाल नदी में बाढ़ आ गई थी, जिससे शहर की निचली बस्तियों में पानी भर गया था। इसके कारण लोगों की गृहस्थी का सामान और अनाज खराब हो गया था। बाढ़ पीडि़तों के द्वारा रोजाना प्रशासन से अनाज की मांग की जा रही थी। जिस पर खाद्य विभाग ने शनिवार से गेहूं का वितरण शुरू कराया, लेकिन अनाज में इतनी मिट्टी, कचरा है कि लोग इसे लेना पसंद नहीं कर रहे हैं।

खराब गेहूं दिए जाने को लेकर लोगों में आक्रोश है। खाद्य विभाग ने गत दिवस 660 क्विंटल अनाज 1320 लोगों को बांटने के लिए उचित मूल्य दुकानों पर भिजवाया था। उल्लेखनीय है कि शहर के जत्रापड़ाव, मानपुरा, इमलीपुरा, कुलहरदा, बंगाली कॉलोनी और खेड़ीपुरा की निचली बस्तियों में बाढ़ के पानी से गरीबों के घर और खाने-पीने की चीजें खराब हो गई थीं। सर्वे दल ने वार्ड 13 में 201, वार्ड 14 में 554, वार्ड 21 में 123, वार्ड 22 में330 और वार्ड 30 में 334 बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50-50 किलो अनाज देने के लिए चिन्हित किया था।

बाढ़ पीडि़त मोहम्मद अली ने बताया कि 50 किलो अनाज दिया गया, लेकिन उसमें इतनी मिट्टी और कचरा है कि उसे बीनने में ही घंटों लग जाएंगे। इस बारे में राशन दुकानदार को बताया गया तो उसने यही अनाज मिलेगा कहकर लौटा दिया। पीडि़त ने कहा कि हर साल विभाग उन्हें खराब अनाज देकर खानापूर्ति कर लेता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगभग सभी दुकानों पर कचरा, मिट्टी वाला गेहूं मिलने की शिकायत लोगों ने की है। इधर, उचित मूल्य के दुकानदारों का कहना विभाग से जैसा अनाज मिला है, उसे वितरित किया जा रहा है। कुछ बोरों में मिट्टी वाले गेहूं मिले हैं।

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