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ब्रेस्ट कैंसर के लिए फायदेमंद है रोज 75 मिनट की एक्सरसाइज

उम्रदराज महिलाओं में इसकी अधिक आशंका रहती है, मतलब यह नहीं कि युवतियों मेंं यह रोग नहीं होता। 20-30 वर्ष की आयु में भी इस रोग के मामले बढ़ रहे हैं।

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Vikas Gupta

Sep 04, 2017

75 minutes of exercise is beneficial for breast cancer

उम्रदराज महिलाओं में इसकी अधिक आशंका रहती है, मतलब यह नहीं कि युवतियों मेंं यह रोग नहीं होता। 20-30 वर्ष की आयु में भी इस रोग के मामले बढ़ रहे हैं।

भारत,चीन और अमरीका में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा हैं। इन देशों में विश्व की कुल बे्रस्ट कैंसर पीडि़त महिलाओं की संख्या एक तिहाई है। भारत में इसके मामलों में बढ़ोतरी का कारण इसकी अनदेखी करना है। नतीजतन महिलाओं में बे्रस्ट कैंसर का पता अंतिम अवस्था में लगता है, ऐसे में इलाज कठिन हो जाता है। उम्रदराज महिलाओं में इसकी अधिक आशंका रहती है,इसका मतलब यह नहीं कि युवतियों मेंं यह रोग नहीं होता। 20-30 वर्ष की आयु में भी इस रोग के मामले बढ़ रहे हैं। इसे व्यायाम कर काफी हद तक रोका जा सकता है। जानें इससे जुड़े तथ्य-

मोटापा नियंत्रित होना जरूरी
मोटापा बे्रस्ट कैंसर के लिए जोखिम भरा है। अधिक वजन वाली महिलाओं में विशेषकर रजोनिवृति (मेनोपॉज) के बाद इस रोग की आशंका अधिक रहती है। इससे बचने के लिए रोजाना 75 मिनट का व्यायाम जरूरी है जिसे टुकड़ों में बांटकर भी किया जा सकता है। 16-64 वर्ष आयु की महिलाएं घरेलू काम, नृत्य, व्यायाम, बागवानी या साइक्लिंग भी कर सकती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के कैंसर सेंटर के एक शोध के अनुसार अधिक शक्कर लेना मोटापा बढऩे का कारण है। ये बे्रस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ाता जो फेफड़ों तक फैल सकता है।

कब हो जाएं अलर्ट
बे्रस्ट में किसी प्रकार की गांठ दिखाई दे या इसमें अथवा बगल में असहनीय दर्द हो जैसे कि माहवारी के दिनों में होता है। बे्रस्ट की त्वचा का बदरंग होना या लालिमा आना। निप्पल में दानें उभरना या बगलों में गांठ होना। इससे रक्तरहित या रक्त सहित रिसाव होना अथवा बनावट में परिवर्तन हो। ब्रेस्ट टिश्यू के मोटा होने का अहसास हो या बे्रस्ट के आकार में बदलाव हो। स्तनों या निप्पल की त्वचा में चकत्ते या पपड़ी जमना।
२०-३० वर्ष की आयु की युवतियों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं।
१६-६४ वर्ष आयु की महिलाएं घरेलू काम,नृत्य,व्यायाम,बागवानी या साइक्लिंग भी कर सकती हैं।

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