12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

गाल और नाक पर गहरे भूरे धब्बे मेलाज्मा तो नहीं? जानिए कारण और बचाव के उपाय

Pregnancy And Melasma: गालों और नाक पर गहरे भूरे रंग के धब्बे हो रहे हैं तो ये मेलाज्मा का कारण हो सकते हैं। प्रेग्नेंसी में ये समस्या थोड़ी ज्यादा होती है। तो चलिए इस स्किन प्रॉब्लम से जड़ी जानकारी और बचाव के तरीके जानें।

4 min read
Google source verification

image

Ritu Singh

Mar 19, 2022

brown_spots_on_cheeks_nose_is__melasma.jpg

एक्ने और सनबर्न से लेकर रैशेज तक स्किन प्रॉब्लम्स से तो आप वाकिफ हैं, लेकिन चेहरे पर एक आम समस्या और होती है, जिससे सभी परेशान रहते हैं। ये समस्या है मेलाज्मा की। प्रेग्नेंसी में ये समस्या हार्मोनल डिसबैलेंस के कारण ज्यादा देखने को मिलती है। ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें चेहरे खासकर गाल और नाक पर काले धब्बे पड़ जाते हैं। हालांकि, यह सामान्य समस्या है लेकिन देखने में ये अच्छी नहीं लगती इसलिए इससे बचने का प्रयास करना चाहिए।

पिगमेंट एपिडर्मल और पिगमेंट डर्मल में अंतर
मेलाज्मा गाल और नाक पर गहरे भूरे रंग के पैच के रूप में नजर आता है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो ये धीरे-धीरे पूरे चहेरे पर फैल जाता है। प्रेग्नेंसी में हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होने वाले मेलास्मा को क्लोस्मा कहा जाता है। अगर ये पिगमेंट एपिडर्मल होता है तो यह कई बार पिगमेंट-लाइट क्रीम या होम रेमेडी से चला जाता है, लेकिन अगर ये पिंगमेंटेड डर्मल है, तो ये हल्का जरूर हो सकता है, लेकिन सकिन से जाता नहीं है।
मेलाज्मा के लक्षण
1. चेहरे पर गहरे भूरे रंग के धब्बे होना
2. धब्बे मुख्यतः नाक, गर्दन और ऊपरी होंठ पर होते हैं।
3. इनमें दर्द या जलन नहीं होती है।मेलास्मा होने पर जानें क्या करें

मेलाज्मा होने के कारण
यूवी रेज़
यूवी रेज यानी धूप में जयादा देर तक रहने के कारण भी मेलाज्मा होता है। धूप के कारण स्किन में मिलेनिन पिगमेंट ज्यादा स्राव होता है। इसकी वजह से चेहरे पर धब्बे ज्यादा दिखाई देने लगते हैं।
गर्भ निरोधक गोलियां
गर्भ निरोधक गोलियां ज्यादा खाने से भी महिलाओं को मेलाज्मा की समस्या होती है। हार्मोन में बदलाव होने लगते हैं और इससे मेलाज्मा की समस्या होती है।
अन्य कारण
हार्मोन्स रिपलेसमेंट थेरेपी, जेनेटिक और ज्यादा एंटी बॉयोटिक्स या स्टेराइड लेने की वजह से भी मेलाज्मा हो सकता है।
मेलाज्मा होने पर क्या करें
1) जब आप घर से बाहर हों तो हर दो घंटे में सनस्क्रीन का उपयोग करना न भूलें और टू-फिंगर नियम को याद रखें। ये एक तकनीक है जिसमें आप अपने चेहरे पर लगाने वाले सनस्क्रीन की मात्रा को मापते हैं।
2) सनस्क्रीन लगाना शुरू कर दें। एसपीएफ करीब 50 तक होना चाहिए। घर से बाहर निकलने से आधा घंटा पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
3) आप त्वचा को हल्का करने वाली क्रीम का उपयोग कर सकते हैं जिसमें कोजिक एसिड, अर्बुटिन और विटामिन सी शामिल हैं।
मेलाज्मा में भूल कर भी न करें ये काम
1) केमिकल बेस्ड स्किनकेयर हैक्स को आजमाने से बचें।
2) इस दौरान केमिकल पीलिंग और लेजर उपचार से बचें।
3) हाइड्रोक्विनोन और किसी भी सामयिक स्टेरॉयड-आधारित क्रीम का उपयोग करने से बचें। क्रीम खरीदते समय जांच लें और सुनिश्चित करें कि उनमें स्टेरॉयड तो नहीं है।

मेलाज्मा के लिए घरेलू उपाय
नींबू
नींबू के रस को रुई में लेकर प्रभावित जगह पर लगाएं। इसे 20 मिनट तक छोड़ दें। 2 मिनट तक हल्के हाथ से मालिश करें और गुनगुने पानी से धो लें। नींबू नेचुरल क्लिंजर होता है। जो दाग को हल्का करता है। नींबू की अम्लीय प्रकृति मेलाज्मा के गहरे धब्बों को कम करने का काम करती है।
एप्पल साइडर विनेगर
एप्पल साईडर विनेगर को 1 छोटे चम्मच पानी में मिलाकर मेलाज्मा के धब्बों पर लगाएं। इसे हवा में 10 मिनट के लिए सूखने दें। इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें। एप्पल साईडर विनेगर में ऐसीटिक एसिड मौजूद होता है, जो एक प्रभावशाली ब्लीच के रूप में काम करता है। ये त्वचा के दाग-धब्बों को हटाकर त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है।
हल्दी का पेस्ट
1 छोटे चम्मच हल्दी में 2 बड़े चम्मच दूध में मिलाकर दाग-धब्बों पर लगाएं। 20 मिनट तक बाद गुनगुने पानी से धो लें। हल्दी के एण्टी-ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं, जो चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करने में मदद करते हैं।
एलोवेरा जेल
एलोवेरा जेल में पाली सैक्राइड होता है जो मेलाज्मा के दाग हटाकर त्वचा की असली चमक वापस ले आता है। इसके साथ ही ये मृत त्वचा को निकाल देता है। सबसे पहले एलोवेरा को आधा काटकर उससे जेल निकाल लें। इस जेल को मेलाज्मा के दाग-धब्बों में लगाकर हल्के हाथ से मालिश करें। 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद ताजे पानी से चेहरे को धो लें।

मेलाज्मा के दौरान आपका खान-पान
1. एस्ट्रोजन हार्मोन्स के अत्याधिक स्राव को रोकने के लिए रेशे युक्त आहार खाना चाहिए।
2. संतरा, सेब, अंगूर और सब्जियां जैसे- ब्रोकोली, पत्ता गोभी, अंकुरित चने आदि खाना में शामिल करना चाहिए।
3. फोलिक एसिड युक्त भोजन जैसे- खट्टे फल, हरे पत्तेदार सब्जियाँ और साबुत अनाज खाना चाहिए, क्योंकि फोलिक एसिड की कमी के कारण मेलाज्मा बढ़ सकता है।
4. विटामिन C और विटामिन ई युक्त आहार- ये विटामिन्स एण्टी-आक्सीडेंट युक्त तत्व होते हैं, जो त्वचा को पोषित करते हैं, और मेलाज्मा को बढ़ने से रोकते हैं। ये विटामिन खट्टे फल, कीवी, बादाम, मछली में पाएं जाते हैं।
5. फलों का जूस- सुबह के समय एक गिलास संतरे के रस को रोज पीने से मेलाज्मा की समस्या से बचाव होता है।
6. पानी अधिक पिएं- पानी अधिक पिएं, क्योंकि इससे मेलाज्मा के दाग-धब्बे कम होते हैं।
मेलाज्मा के दौरान परहेज
1. धूम्रपान, शराब आदि ना पिएं।
2. मसालेदार, नमकीन पदार्थ और पेय, बैंगन आदि नहीं खाना चाहिए।
3. जंकफूड जैसे पिज्जा, बर्गर, कोल्डड्रिंक, पेस्ट्री आदि नहीं खाना चाहिए।
4. शक्कर (Sugar) ग्लूटेन और खमीर की अधिकता वाला खाना नहीं खाना (melasma treatment at home) चाहिए।

मेलाज्मा के दौरान कैसी रखें लाइफस्टाइल
व्यायाम- नियमित व्यायाम करें। पैदल चलना, साइकिल चलाना, दौड़ना आदि मेलाज्मा को कम करने में सहायक होते हैं। योग- गहरे धब्बों को दूर करने के लिए सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, सर्वांगासन बहुत प्रभावकारी माने गए हैं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)