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कैंसर को मात देने वालों के लिए इस थैरेपी से होगा मानसिक सुधार

कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) कैंसर (Cancer) को मात देने वाले लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में प्रभावी साबित हो सकती है।
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जयपुर

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Puneet Sharma

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Updated: 22 Aug 2024, 10:56 AM IST

mental Health

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Mental Health : देश दुनिया में अब कैंसर (cancer) के मामले ​बढ़ते जा रहे हैं और कई मरीज इससे स्वस्थ भी हो जाते हैं। लेकिन वे मानसिक स्वस्थ (Mental health) नहीं हो पाते हैंं। इसके लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) कैंसर (Cancer) को मात देने वाले लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में प्रभावी साबित हो सकती है।
अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि सीबीटी व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाती है और मानसिक स्वास्थ्य में मामूली, लेकिन महत्वपूर्ण सुधार करती है।

कैंसर मेडिसिन नामक पत्रिका ने किया इसका खुलासा : A journal called Cancer Medicine revealed this

कैंसर मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्धयन से पता चला है जब किसी युवा को कैंसर होता है तो उनको सीबीटी से लाभ मिला है। जिससे पता चलता है कि उम्र सीबीटी की प्रभावकारिता को प्रभावित कर सकती हैं।

मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अनाओ झांग के अनुसार, इस अध्ययन ने सीबीटी के सामान्य लाभों की पुष्टि की है, और यह भी बताया है कि यह कैसे और किन परिस्थितियों में सबसे प्रभावी हो सकती है। अध्ययन में ऐसे लोगों पर सीबीटी के प्रभाव का आकलन किया गया जो कैंसर के मरीज हैं या रह चुके हैं। कुल 132 क्लिनिकल ट्रायल का विश्लेषण किया गया और सीबीटी पाने वाले मरीजों की तुलना विभिन्न कंट्रोल समूहों से की गई जिनमें मानक थेरेपी पाने वाले, वेटलिस्ट वाले और सक्रिय या वैकल्पिक थेरेपी पाने वाले समूह शामिल थे।

सभी प्रमुख मापदंडों जैसे रोगी की उम्र और सीबीटी देने के तरीके को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी उपचार कार्यक्रम तैयार किया जा सकता है, जिससे मरीजों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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