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घातक नहीं, पर तेजी से फैल रहा है नया कोविड वायरस

कोरोना नए वैरियंट जेएन-1 के 3000 से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। सब वैरिएंट ओमिक्रॉन से संबंधित जेएन-1 वायरस तेजी से फैल रहा है, लेकिन यह घातक नहीं है। अब तक 40 से अधिक देशों में फैल चुका है। जिन्हें हो रहा है उनमें से 50% में तो कोई लक्षण तक नहीं दिख रहा है। जिनमें लक्षण दिख रहे हैं उनमें नाक और गले में ही वायरल लोड दिख रहा है। इसलिए नुकसान कम पहुंचा रहा है।

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जयपुर

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Jaya Sharma

Dec 26, 2023

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Covid Tally Ticks Up India Sees 441 New Cases Death Toll Holds Steady

नया वायरस ज्यादा खतरनाक नहीं है लेकिन सामान्य इन्फ्लुएंजा की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली है। लक्षण सामान्य फ्लू की तुलना में दो-तीन दिन ज्यादा दिख सकते हैं। इसलिए ज्यादा जरूरी है कि सावधानी बरतें। एक अध्ययन में देखा गया है कि केरल में अभी तक जितने मामले रिपोर्ट हुए हैं उनमें से अधिकतर को कोरोना का वैक्सीन नहीं लगा है या फिर उन्होंने केवल एक ही डोज लगी है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि वैक्सीन न लगवाने वालों में इसके होने की आशंका ज्यादा है।

डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सेंटर, अमरीका की ओर से कहा गया है कि जेएन-1 एक सब वैरिएंट है, जो ओमिक्रॉन सबवैरिएंट बीए 2.86 यानी पिरोला का वंशज है। भारत में पिरोला का पहला मामला अगस्त 2023 में मिला था। पिरोला और जेएन-1 में पूरी समानताए हैं, सिर्फ एक अंतर है। जेएन-1 में एक स्पाइक प्रोटीन का म्यूटेशन हुआ है। यह इंसान के रिसेप्टर सेल से जुड़ जाता और वायरस को शरीर में प्रवेश कराता है। इसकी कारण यह वायरस तेजी से फैल रहा है।

कौन लोग सावधानी बरतें
जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक और कोई क्रॉनिक बीमारी है उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी ध्यान रखें। ऐसे लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है। उनमें संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है।

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