
Fact about bone tumor disease cause by bone tumor
वर्ल्ड कैंसर डे नजदीक आ रहा है ऐसे में लोगों को कैंसर के प्रति धीरे-धीरे जागरूक करने के कई अनेक अभियान चलाए जाएंगे। और लोगों का इसके तरफ जागरूक होना अत्यंत जरूरी भी है। कोरोना काल में लोगों ने अपने कैंसर हेल्थ को काफी नजरे नजर अंदाज करा है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं बोन टयूमर के बारे में की कैसे बोन टयूमर कैंसर में भी विकसित हो सकता है । और कई अन्य प्रकार के असाधारण बीमारियों का रूप ले सकता है। बोन ट्यूमर का सही समय पर जांच और उचित इलाज अत्यंत जरूरी है।
किसी व्यक्ति को शरीर में गांठ या तेज दर्द हो तो उसे नजरंदाज न करें और जल्दी ही किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श करके जांच कराएं। आमतौर पर इसकी पीड़ा सोते समय या बिस्तर पर शांत लेटने पर होता है । या किसी काम के दौरान भी इसका दर्द बढ़ जाता है। शुरुआत में इसका दर्द कभी कभी होता है, लेकिन जैसे जैसे कैंसर सेल्स बढ़ते हैं, वैसे वैसे पीड़ा भी बढ़ती जाती है। साथ में गांठ का आकार भी समय के साथ बढ़ता जाता है । बोन ट्यूमर में कैंसर सेल हो सकते हैं इसलिए आपरेशन से पहले जरूरी है की एप जांच करवाए।
बिनाइन बोन ट्यूमर —ये ट्यूमर हड्डी के किसी भी भाग में बढ़ते हैं, लेकिन इनके शरीर के दूसरे अंगों में फैलने की आशंका कम रहती है। ये ट्यूमर एक ही जगह पर लम्बे समय तक बढ़ते रहते हैं और उस जगह की हड्डी को खोखला करते रहते हैं। इसके अलावा और भी ट्यूमर बनने लगते हैं। यह कैंसर नहीं होता, लेकिन इसके बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए और जरूरत पड़े तो उपचार कराना चाहिए, नहीं तो कई बार यह घातक भी साबित हो सकता है।
अक्सर ऐसा होता है कैंसर
अक्सर आपके घुटने और ऊपरी बांह के आसपास बनता है। युवा वयस्कों को इसे प्राप्त करने की सबसे ज्यादा संभावना है, लेकिन वयस्कों में एक और रूप आम है जिन्हें पगेट की हड्डी की बीमारी है। ये भी एक प्रकार का कैंसर के खतरे को बढ़ावा देता है।
Updated on:
03 Feb 2022 05:12 pm
Published on:
03 Feb 2022 05:08 pm
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