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सर्दी की चार खास चाय, जो आपको अंदर से रखती फिट

चाय पीना ज्यादातर लोग पसंद करते हैं। जो लोग आमतौर पर चाय नहीं पीते हैं, सर्दी के मौसम में वे भी इसकी चुस्कियां लेते हैं। यहां आपको ऐसी चार खास चाय के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें पीने से जायका भी बदलेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां दूर रहेंगी व शरीर को गर्मी भी मिलेगी। इनका नियमित सेवन करना पाचन आदि में भी फायदेमंद रहता है।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 28, 2023

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चाय पीना ज्यादातर लोग पसंद करते हैं। जो लोग आमतौर पर चाय नहीं पीते हैं, सर्दी के मौसम में वे भी इसकी चुस्कियां लेते हैं। यहां आपको ऐसी चार खास चाय के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें पीने से जायका भी बदलेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां दूर रहेंगी व शरीर को गर्मी भी मिलेगी। इनका नियमित सेवन करना पाचन आदि में भी फायदेमंद रहता है।

1. लेमनग्रास चाय

लेमनग्रास, जिसमें एक सुखद सिट्रस स्वाद होता है। लेमनग्रास एंटीऑक्सीडेंट में भी उच्च होता है और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। लेमनग्रास में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होने के कारण ये चाय सर्दी, जुकाम और गले की खराश जैसी समस्याओं में राहत दिलाती है। इसको नियमित पीने से कफ की समस्या दूर होती है। लेमनग्रास में सिरदर्द को ठीक करने वाले तत्त्व भी पाए जाते हैं। इसको रोज पीने से माइग्रेन की समस्या भी ठीक होती है।

बनाने का तरीका: लेमनग्रास टी बनाने के लिए एक पैन में पानी को उबालें। पानी उबलने पर लेमनग्रास के टुकड़े डालें। उन्हें पानी में डालने से पहले अच्छे से धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। गर्म पानी में थोड़ी देर लेमन ग्रास को उबलने दें। मीठे के लिए चाय में गुड़ और शहद डाल सकते हैं।

२. अश्वगंधा टी
अश्वगंधा को एक प्रकार की जादुई जड़ी बूटी माना जाता है, जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करती है। शुगर को बैलेंस करती है। तनाव कम करती है।

बनाने का तरीका: एक पैन में पानी उबालें। अब अश्वगंधा पाउडर या इसकी कुछ जड़ें पानी में डालें। इसे ढककर 10-15 मिनट उबलने दें। अब इसे एक कप में छान लें। आप इस चाय में आधा नींबू निचोड़ लें और गर्म ही पीएं।

३. अदरक-तुलसी चाय

बनाने का तरीका: तुलसी और अदरक की चाय बनाते समय ध्यान रखें कि तुलसी पत्ती को चाय के पानी में शुरू में डालना होता है जबकि अदरक को बाद में डालना चाहिए। इससे चाय की खुशबू-स्वाद-गुण सभी बरकरार रहते हैं।

सर्दी में ज्यादातर घरों में चाय बनाते समय अदरक व तुलसी के पत्ते का उपयोग किया जाता है। ये दोनों ही सर्दी में मौसमी बीमारियों से बचाने का काम करते हैं। तुलसी व अदरक में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो जुकाम-खांसी से पैदा करने वाले बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते। बुखार वाले वायरस को शरीर पर हावी नहीं होने देते। इस चाय के साथ आप अपने दिन की शुरुआत करें। ताजगी भी महसूस होगी।

४. हल्दी की चाय

बनाने का तरीका: दो कप पानी गर्म में अदरक डालें। जब पानी उबलने लगे तो इसमें 1/4 चम्मच हल्दी पाउडर या एक चम्मच कसी हल्दी डालें और थोड़ा-सा काली मिर्च पाउडर डाल दें। पानी को 5 मिनट के लिए उबलने दें।


हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन में एंटी इन्फ्लामेटरी, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं। हल्दी एंटीऑक्सीडेंट से भरी हुई है जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। यह फ्लू और सर्दी के खिलाफ प्रभावी है। हल्दी की चाय में नींबू का रस और शहद मिलाने से न केवल स्वाद में सुधार होगा, बल्कि आवश्यक फाइटोन्यूट्रिएंट्स और विटामिन सी भी प्राप्त होगा।