इसी विषय पर यहां आयोजित एक विशेष परिचर्चा में खाद्य सुरक्षा और टॉक्सिकोलॉजी की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. रिबेका लोपेज गार्सीया कम कैलरी वाले वैकल्पिक मिठास के बारे में कहती हैं, 'एक खाद्य पदार्थ के तौर पर इसे कानून की मंजूरी प्राप्त है। यह मंजूरी देने से पहले खाद्य नियामक एजेंसियां इसके सुरक्षित होने को ले कर आश्वस्त होती हैं। प्रत्येक देश की अपनी प्रणाली है लेकिन बुनियादी प्रोटोकॉल्स एक से हैं। इसके बावजूद इस संबंध में जागरुक रहना चाहिए।Ó वे कहती हैं कि कई बार ऐसे अध्ययन दो दशक तक चलते हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस दौरान सजग रहती हैं कि किसी भी स्तर पर कोई टॉक्सिक पाया जाए तो उसका उपयोग उसी समय रोक दिया जाए।