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जापान का यह सुपरफूड है युवा बने रहने का है रामबाण उपाय, लेकिन खाना सबके बस का नहीं

दरअसल जापानी सुपरफूड के नाम से मशहूर 'नट्टो' के बारे में जापान में कहा जाता है कि इसे खाने वाला मौत को भी मात दे सकता है। लेकिन इसे देखकर खाना सबके लिए मुमकिन नहीं क्योंकि यह बदबूदार, चिपचिपा और देखने में बेहद घिनौना लगता है।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Aug 08, 2020

जापान का यह सुपरफूड है युवा बने रहने का है रामबाण उपाय, लेकिन खाना सबके बस का नहीं

जापान का यह सुपरफूड है युवा बने रहने का है रामबाण उपाय, लेकिन खाना सबके बस का नहीं

कोरोना महामारी (COVID-19 Corona Virus) ने हमारी खान-पान की आदतों में जबरदस्त परिवर्तन ला दिए हैं। पहले जुबान के स्वाद के लिए खाने वाले अब हर खाने में इम्यूनिटी (iMMUNITY) बढ़ाने वाले तत्व, हाइजीन (Hygiene) और स्वास्थ्यवर्धक गुणों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। इसी क्रम में दूसरे देशों के सुपरफूड (Superfood) और इम्यूनिटी बढ़ाने वाली डिशों को भी कुजीन में शामिल किया जा रहा है। ऐसा ही एक सुपररिच इम्यूनिटी बढ़ाने वाला फूड है 'नट्टो'। यह एक पारंपरिक जापानी खाना है जिसे किण्वित (Fermentation) सोयाबीन (soya bean) से बनाया जाता है। लेकिन किण्वन के कारण इसमें अमोनिया (Amonia) जैसी बदबू उत्पन्न हो जाती है। लेकिन बलगम जैसी चिपचिपाहट देखकर अच्छे-अच्छे जायके के शौकीन इसे खाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। जापान में हुए एक सर्वे में सामने आया कि केवल 62 फीसदी लोग ही 'नट्टो' को पसंद करते हैं। जबकि 13 फीसदी इसे देखना भी नहीं चाहते।

लंबे जीवन का राज है 'नट्टो'
जापान में 'नट्टो' को लंबे जीवन और स्वास्थ्य का रक्षक माना जाता है। जापान के परंपरागत खाने में शुमार इस खास डिश केबारे में मान्यता है कि इसे खाने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और हृदयाघात का जोखिम घट जाता है। 'नट्टो' को लंबी उम्र के लिए ग्रहण किया जाने वाला एक प्रमुख खाद्य सामग्री भी माना जाता है। जापान के बुजुर्गों का दावा है कि 'नट्टो' ख़ून को साफ करता है और संक्रमण से बचाता है। कुछ लोग तो यहां तक दावा करते हें कि इसे खाने वाला मौत के मुंह से भी बाहर आ सकता है। टोक्यो के नेशनल कैंसर सेंटर के शोधकर्ताओं ने पाया कि नियमित रूप से 'नट्टो' खाने वालों में हृदय आघात या दिल का दौरा पडऩे से मरने का जोखिम 10 फीसदी तक कम पाया गया। 'नट्टो' में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, आयरन और फाइबर होने से रक्तचाप और वजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसे खाने वालोंमें उम्र बढऩे की गति भी धीमी हो जाती है इससे व्यक्ति अधिक दिनों तक जवान नजर आता है। इसमें मौजूद विटामिन-बी6 और विटामिन ई से त्वचा में झुर्रियां नहीं पड़तीं।

ऐसे बनाएं घर में 'नट्टो'
सोयाबीन को पानी में भिगोकर उबाला जाता है। किण्डवन के लिए इसमें बैसिलस सबटिलिस बैक्टीरिया मिलाया जाता है। इसके बाद इसे लपेटकर चार से पांच दिनों के लिए किण्वित होने के लिए छोड़ दिया जाता है। मौसम और तापमान के अनुसार इस प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन अब यह जापान के सुपर मार्केट और ऑनलाइन उपलब्ध है जिसे सिर्फ बनाना पड़ता है। इस पैकेट में सभी सामग्री मौजूद होती है और इसे मैगी की तरह कभी भी कहीं भी बनाया जा सकता है। नट्टो, सोया सॉस और तीखी चटनी को मिलाएं और चिपचिपे मिश्रण को चावल के कटोरे के ऊपर डाल दें। इसके बाद अपनी पसंद की सब्जी और अंडों से डिजायनिंग की जाती है। इसे सुबह के नाश्ते में खाया जाता है।

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