
बीजिंग. चीन की सरकारी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में वुुहान लैब के निदेशक वांग यनई ने कहा कि दुनिया के वैज्ञानिकों को लगता है कि कोविड-19 वुहान से शुरू होकर पूरी दुनिया में लगभग 3.4 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बना। अमरीकी राष्ट्रपति का वुहान की लैब से पूरी दुनिया में वायरस फैलने का दावा मनगढ़ंत है। सेंटर के पास चमगादड़ों से निकाले गए कोरोना वायरस के स्ट्रेन का कोविड-19 में 79.8 प्रतिशत समानता है। प्रोफेसर शी जेंग्ली के नेतृत्व में एक टीम 2004 से ही चमगादड़ से निकले कोरोना वायरस पर शोध कर रही है। वह सार्स के स्रोत को ढूंढ रही है। क्योंकि नोवेल कोरोना वायरस के जीनोम सार्स से 80 प्रतिशत मैच करते हैं।
चमगादड़ों से मिले स्ट्रेन से पहले महामारी फैल चुकी थी
30 दिसंबर 2019 को वायरस के स्ट्रेन का सैंपल मिला था। 2 जनवरी 2020 को उसका जीनोम पता लगाया और 11 जनवरी को उसे डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया। लैब के निदेशक ने दावा किया है कि दिसंबर में सैंपल मिलने से पहले टीम को ऐसा वायरस पहले कभी नहीं मिला था। अन्य देशों की तरह हमें भी वायरस की मौजूदगी के बारे में नहीं पता था। प्रश्न उठता है कि ऐसे में वह वुहान लैब से कैसे लीक हो सकता है, जबकि उस समय तक हमारे पास था ही नहीं।
वुहान लैब से लीक हुआ वायरस
कोरोना वायरस को लेकर वुहान की वायरोलॉजी इस्टीट्यूट से इंसानों में फैले थे। इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भी चीन पर आरोप लगाए। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य सभा में भी सौ से अधिक देशों ने चीन के खिलाफ वायरस फैलाने की जांच की मांग की जिस पर डब्ल्यूएचओ व चीन जांच के लिए तैयार हो गए।
Published on:
24 May 2020 10:14 pm

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