स्वास्थ्य

अस्थमा से लेकर गठिया और डायबिटीज तक में फायदेमंद है ये चावल, ब्राउन राइस से ज्यादा है बेहतर

Red Rice Benefits: चावल कई बीमारियों में खाने की मनाही होती है, लेकिन लाल चावल डायबिटीज से लेकर अस्थमा और गठिया तक में खाना बहुत फायदेमंद होता है। असल में इस चावल में अन्य किस्मों की तुलना में पोषक तत्व और औषधिय तत्व ज्यादा होते हैं।

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Mar 18, 2022
लाल चावल पाचन, Diabetes, अस्थमा और गठिया में रोगियों के लिए भी हैं फायदेमंद

लाल चावल यानी रेड राइस की पौष्टिकता इतनी ज्यादा होती है कि इसे रोज खाना बहुत फायदेमंद होता है। ये फाइबर और फ्लेवोनोइड, एंथोसायनिन का रिच सोर्एस है, इसलिए इसे आंशिक रूप से या पूरी तरह से पकाया जा सकता है। रेड राइस हो या ब्राउन राइस सबके मन में एक ही सवाल होता है कि दोनों में कौन ज्यादा बेस्ट है। क्योंकि दोनों में लगभग समान पोषण संबंधी लाभ होते हैं, लेकिन अगर आप ब्राउन राइस से रेड राइस पर स्विच करना चाह रहे हैं, तो रेड राइस एक बेहतर विकल्प है। पोषक तत्वों से भरपूर यह ऑर्गेनिक रेड राइस अलग स्वाद के लिए भी जाना जाता है।

लाल चावल को खास एंथोसायनिन की उपस्थिति बनाती है। ये एक फ्लेवोनोइड जो इस चावल को लाल रंग देता है। चावल की अन्य किस्मों की तुलना में लाल चावल में उच्च पोषक तत्व होते हैं, इसलिए डेली डाइट में रेड राइस को शामिल करने के कई लाभ हैं और कुछ रोगों में इसे खाने से रोग भी कंट्रोल होता है। तो चलिए जानें कि रेड राइस किन रोगों में खाना फायदेंमद है।
रेड राइस खाने के फायदे
ब्लड शुगर मैनेज करने में मददगार: रेड राइस में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिसका अर्थ है कि यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

अस्थमा कंट्रोल करने में मदद करता है: मैग्नीशियम से भरा रेड राइज रोज खाने से शरीर में ऑक्सीजन सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करता है और अस्थमा को रोकता है।

पाचन में सुधार: रेड राइस हेल्दी पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। ये आसानी से पचता अै और आंत को भी क्लियर रखता है।

क्रेविंग को रोकता है: रेड राइस दूसरे चावलों के मुकाबले पेट को लंबे समय मत भर रखता है। रेड राइस में फाइबर अधिक होता है, जो आपको लंबे समय तक तृप्त महसूस कराता है।

गठिया में लाभदायक है: रेड राइस में कैल्शियम और मैग्नीशियम दो महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं। लाल चावल आपकी हड्डियों के घनत्व को बढ़ाता है और हड्डियों से संबंधित बीमारियों से बचाता है। इससे गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी दूर रहती है।

ऐसे पकाना चाहिए ये ये चावल
लाल चावल पकाने से पहले एक बड़े कटोरे में कम से कम एक घंटे के लिए भिगो दें.।यह धूल, कीटाणुओं, गंदगी आदि से छुटकारा पाने में मदद करेगा। एक कप चावल के लिए 4 कप पानी डालकर उबाल लें। पानी में उबाल आने पर चावल डालें और धीमी आंच पर 20 मिनट तक पकाएं. पकने के बाद एक्स्ट्रा पानी निकाल दें और एक बर्तन में परोसें।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)

Published on:
18 Mar 2022 04:10 pm
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