संरक्षित बिना स्टार्च वाली सब्जियां पेट के कैंसर के जोखिम को बढ़ाने का कारण हो सकती हैं। हालांकि सब्जियों अथवा अन्य खाद्य सामग्रियों को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए संरक्षण प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। परंतु इस प्रक्रिया में भोजन की आयु बढ़ाने के लिए काफी नमक का इस्तेमाल होने के साथ ही इसे अचारी रूप दिया जाता है।
आज दुनियाभर में कैंसर मौत के उभरते हुए कारणों में से एक है। हर वर्ष बहुत से लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। जिनमें से कई लोग इलाज के अभाव में और कई बीमारी का पता अंतिम स्टेज पर चलने के कारण अपनी जान गवां देते हैं। वैसे तो अब तक इसका सटीक इलाज ढूंढने के लिए बहुत निवेश किया जा चुका है, परंतु फिर भी कोई प्रभावी परिणाम प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि इस क्षेत्र में अभी भी काम जारी है।
कैंसर जैसी घातक बीमारी के लक्षणों के प्रति लोगों में जागरूकता होना बहुत आवश्यक है। ताकि इसका समय पर इलाज होने से जान का जोखिम कम किया जा सके। इसके अलावा, कैंसर की चपेट में आने से बचने के लिए हमारा खान-पान और जीवनशैली भी बहुत जिम्मेदार है। कुछ गलत आदतें और गलत खानपान पेट के कैंसर के कारकों को बढ़ा सकते हैं। और धीरे-धीरे यह बीमारी एक बड़ा रूप ले लेती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने आहार के प्रति सजग रहें।
एक शोध से यह बात सामने आई है कि संरक्षित बिना स्टार्च वाली सब्जियां पेट के कैंसर के जोखिम को बढ़ाने का कारण हो सकती हैं। हालांकि सब्जियों अथवा अन्य खाद्य सामग्रियों को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए संरक्षण प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। परंतु इस प्रक्रिया में भोजन की आयु बढ़ाने के लिए काफी नमक का इस्तेमाल होने के साथ ही इसे अचारी रूप दिया जाता है। ऐसे में अधिक संरक्षित खाद्य सामग्रियों का सेवन पेट के कैंसर को बढ़ावा दे सकता है। नॉन-स्टार्ची सब्जियों में बेबी कॉर्न, इटालियन बींस, बीन स्प्राउट्स, बैंबू शूट्स आदि शामिल हैं।
अधिक नमक युक्त सब्जियां अथवा खाद्य सामग्रियां खाने से आपके पेट की रक्षा करने वाले पदार्थ की चिपचिपाहट में अंतर आता है। इसके अलावा, संरक्षित की हुई अधिक नमक युक्त सब्जियों के सेवन से एच. पाइलोरी का कॉलोनाइजेशन बढ़ता है, जो कि पेट के कैंसर को बढ़ाने वाले सबसे खतरनाक कारक में से एक है। इसलिए जितना हो सके संरक्षित नॉन-स्टार्च वाली सब्जियों अथवा अन्य खाद्य सामग्रियों से दूर रहें। ताकि कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचा जा सके।