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World Marrow Donor Day : ब्लड कैंसर के मरीजों को होती ज्यादा जरूरत

इन दिनों तुलनात्मक रूप से कैंसर रोग के मामलों में इजाफा हुआ है। इसमें भी ब्लड कैंसर के मामले ज्यादा सामने आते हैं। अधिकतर लोग इस बीमारी से जंग इसलिए हार जाते हैं क्योंकि उन्हें सही मैच नहीं मिल पाता। इसी कारण हर वर्ष 21 सितम्बर को वल्र्ड मैरो डोनर डे मनाया जाता है ताकि लोगों में जागरुकता बढ़े।

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Divya Sharma

Sep 21, 2019

World Marrow Donor Day : Important to aware about it

World Marrow Donor Day : ब्लड कैंसर के मरीजों को होती ज्यादा जरूरत

आए दिन बढ़ते कैंसर के मामले में ब्लड कैंसर के काफी मरीज देखने में आते हैं। ऐसे मरीजों के इलाज में ब्लड स्टेेम सेल, हड्डी के बोन मैरो और अम्बाइलिकल कॉर्ड (गर्भनाल) ट्रांसप्लांटेशन की अहम भूमिका होती है। हालांकि जागरुकता के अभाव में बेहद कम लोग हैं जो स्वयंसेवक डोनर के रूप में सामने आते हैं। जनजागरुकता के लिए 21 सितम्बर को मैरो डोनर डे मनाया जाता है ताकि लोग बीमारी को समझते हुए परिजन और अन्य लोगों को ब्लड स्टेम सेल्स डोनेट कर सकें। जानें मैरो डोनेट करने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए।
दुनियाभर में मरीजों के लिए स्थिति गंभीर है क्योंकि करीब 3 करोड़ लोग बोन मैरो पाने की प्रतीक्षा सूची में हैं लेकिन इनमें से 40 प्रतिशत मरीजों को मैचिंग का डोनर न मिलने से काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
18 से 60 वर्षीय स्वस्थ व्यक्ति बोन मैरो डोनेट कर सकता है। उसका ब्लड, मरीज से मैच होना जरूरी है।
अम्बाइलिकल कॉर्ड ब्लड सिर्फ महिला से ही लिया जा सकता है जिसके लिए उसकी उम्र १८ वर्ष होनी जरूरी है। साथ ही सामान्य रूप से स्वस्थ और प्रेग्नेंसी बिना किसी जटिलता के हुई हो।
एक्सपर्ट : डॉ. संदीप जसूजा, कैंसर रोग विशेषज्ञ, एसएमएस अस्पताल, जयपुर

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