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आपका बच्चा रहेगा सुरक्षित, यदि गांठ बांध लें पांच महत्त्वपूर्ण बातें

पहली बार माता-पिता बनने के बाद शुरुआत में शिशु की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन यह दुनिया के सबसे खूबसूरत अहसास में से एक होता है। शिशु की सम्पूर्ण देखभाल के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए तो यह समय आपके व शिशु के लिए बेहद सुखद होगा।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 21, 2023

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child care tips

पहली बार माता-पिता बनने के बाद शुरुआत में शिशु की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन यह दुनिया के सबसे खूबसूरत अहसास में से एक होता है। शिशु की सम्पूर्ण देखभाल के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए तो यह समय आपके व शिशु के लिए बेहद सुखद होगा।

संस्थागत प्रसव

स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव कराने से माता के साथ-साथ शिशु की भी सुरक्षा होती है। शिशु की प्रारम्भिक देखभाल उचित तरीके से होती है और जटिलता के समय इलाज मिल जाता है। माताएं शिशु की देखभाल की जानकारी भी डॉक्टर से ले सकती हैं।

स्तनपान और पूरक आहार

शिशु के लिए मां का दूध अमृत तुल्य है। जन्म के बाद जितना जल्दी हो सके शिशु को स्तनपान शुरू करा देना चाहिए। पीला गाढ़ा दूध जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं, यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। जन्म के पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। यदि संभव हो तो शिशु को दो वर्ष की आयु तक स्तनपान कराना चाहिए। छह माह की उम्र के बाद पूरक आहार शुरू करें।

टीकाकरण है जरूरी
बच्चे के जन्म से लेकर कुछ वर्ष तक शिशु का टीकाकरण बहुत जरूरी है जो शिशु को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण निशुल्क उपलब्ध है।

तापमान नियंत्रण
बच्चे का तापमान नियंत्रित रहे, शिशु न तो ज्यादा ठंडा हो न ही ज्यादा गर्म। बच्चे का तापमान सही रखने के लिए कमरे का तापमान सही होना जरूरी है। सर्दी के मौसम में टोपी, मोजे, ऊनी कपड़े पहनाएं।

नियमित जांच कराएं
बच्चों के डॉक्टर के पास नियमित जाकर चेकअप कराएं ताकि शिशु के विकास की मोनिटरिंग हो सके। बच्चे के वजन, लंबाई और सिर की परिधि की जांच कराएं। शिशु की त्वचा का रंग पीला या नीला, सांस में तकलीफ, सुस्त हो तो डॉक्टर को दिखाएं। शिशु को स्वस्थ वातावरण में रखें। नाखून नियमित काटें। उठाने से पहले अपने हाथ धोएं। सर्दी-जुकाम या संक्रमण वाले लोगों से शिशु को दूर रखें। मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें।


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