
Women Gut Pain Estrogen (photo- gemini ai)
Women Gut Pain Estrogen: हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी से यह समझने में मदद मिली है कि महिलाओं को पेट और आंतों से जुड़ा दर्द पुरुषों के मुकाबले ज्यादा और गंभीर क्यों महसूस होता है। इस रिसर्च के मुताबिक, इसके पीछे महिलाओं में पाए जाने वाले हार्मोन एस्ट्रोजन की अहम भूमिका हो सकती है।
यह अध्ययन साउथ ऑस्ट्रेलियन हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन फ्रांसिस्को के वैज्ञानिकों ने मिलकर किया। रिसर्च के नतीजे प्रतिष्ठित जर्नल ‘Science’ में प्रकाशित हुए हैं। स्टडी में नर और मादा चूहों पर प्रयोग कर उनके पेट और आंतों की संवेदनशीलता की तुलना की गई।
रिसर्चर्स के अनुसार, एस्ट्रोजन आंतों में एक खास रास्ते (पाथवे) को एक्टिव करता है। इससे पेट में बनने वाला एक हार्मोन PYY ज्यादा मात्रा में रिलीज होता है। यह हार्मोन आमतौर पर पेट भरे होने का संकेत देता है। लेकिन PYY का असर यहीं खत्म नहीं होता। यह पास की उन कोशिकाओं को भी एक्टिव करता है, जो सेरोटोनिन नाम का केमिकल बनाती हैं। सेरोटोनिन को आमतौर पर फील-गुड हार्मोन कहा जाता है, लेकिन आंतों में इसकी ज्यादा मात्रा नसों को ज्यादा संवेदनशील बना देती है। नतीजा यह होता है कि पेट की नसें हल्के से दर्द पर भी दर्द का सिग्नल दिमाग तक भेजने लगती हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और विसरल पेन डिसऑर्डर, जैसे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), महिलाओं में ज़्यादा पाए जाते हैं। अब तक इसके कारण साफ नहीं थे, लेकिन यह स्टडी पहली बार हार्मोन, पाचन और नसों के बीच सीधा कनेक्शन दिखाती है।
इस रिसर्च में यह भी सामने आया कि एस्ट्रोजन आंतों को शॉर्ट-चेन फैटी एसिड्स के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना देता है। ये फैटी एसिड तब बनते हैं, जब आंतों में मौजूद बैक्टीरिया खाने को तोड़ते हैं। यही वजह हो सकती है कि कुछ लोगों को लो FODMAP डाइट अपनाने से राहत मिलती है। इस डाइट में लहसुन, सेब, गेहूं और डेयरी जैसे कुछ कार्बोहाइड्रेट्स को कम किया जाता है, जो आंतों में ज्यादा गैस और परेशानी पैदा कर सकते हैं।
स्टडी के लीड रिसर्चर डॉ. स्टुअर्ट ब्रायरली का कहना है कि अगर इस एस्ट्रोजन-आधारित पाथवे को सही जगह पर रोका जाए, तो बिना पाचन प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाए पुराने पेट दर्द का इलाज संभव हो सकता है। कुल मिलाकर, यह रिसर्च महिलाओं में पेट दर्द की समस्या को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भविष्य में IBS जैसी बीमारियों के लिए ज्यादा असरदार इलाज और बेहतर डाइट प्लान तैयार किए जा सकते हैं।
Updated on:
14 Jan 2026 11:31 am
Published on:
14 Jan 2026 11:31 am
