
dialysis patients heart disease (photo- gemini ai)
Heart Health: हाल ही में सामने आई एक अहम स्टडी में यह पता चला है कि रोजाना फिश ऑयल सप्लीमेंट लेने से किडनी फेल होने के कारण डायलिसिस पर चल रहे मरीजों में दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस रिसर्च का नाम PISCES ट्रायल है, जिसे ऑस्ट्रेलिया में मोनाश हेल्थ और मोनाश यूनिवर्सिटी ने मिलकर किया।
इस स्टडी में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के 26 डायलिसिस सेंटर्स के 1,228 मरीजों को शामिल किया गया। मरीजों की औसत उम्र करीब 64 साल थी और वे औसतन 3.7 साल से डायलिसिस पर थे। करीब एक-तिहाई मरीजों को पहले से हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी दिल की बीमारी हो चुकी थी। वहीं, आधे से ज्यादा मरीज कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाएं पहले से ले रहे थे।
रिसर्च के दौरान मरीजों को दो ग्रुप में बांटा गया। एक ग्रुप को रोजाना चार ग्राम फिश ऑयल दिया गया, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स EPA और DHA मौजूद थे। दूसरे ग्रुप को प्लेसीबो यानी असरहीन दवा दी गई। यह ट्रायल 2013 से 2019 के बीच किया गया।
स्टडी के नतीजे काफी मजबूत रहे। जिन मरीजों ने फिश ऑयल लिया, उनमें दिल से जुड़ी गंभीर घटनाओं का खतरा 43 प्रतिशत तक कम हो गया। इसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक, दिल से होने वाली मौतें और नसों की बीमारी के कारण अंग काटने जैसी स्थितियां शामिल थीं।
स्टडी से जुड़े डॉक्टरों के मुताबिक, डायलिसिस मरीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का स्तर आम लोगों के मुकाबले बहुत कम होता है। फिश ऑयल इनकी कमी को पूरा करता है। इससे सूजन कम होती है, खून की नसों की सेहत बेहतर होती है और खून के थक्के बनने का खतरा भी घट सकता है।
मोनाश हेल्थ के नेफ्रोलॉजिस्ट प्रोफेसर केवन पोल्किंगहॉर्न का कहना है कि डायलिसिस मरीजों में दिल की बीमारी का खतरा बहुत ज्यादा होता है और अब तक बहुत कम इलाज कारगर साबित हुए हैं। ऐसे में यह स्टडी काफी उम्मीद जगाती है। वहीं, कनाडा की डॉक्टर चार्मेन लोक ने साफ कहा कि इस स्टडी में इस्तेमाल की गई फिश ऑयल की मात्रा और शुद्धता काफी ज्यादा थी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह फायदा सिर्फ डायलिसिस पर चल रहे मरीजों में देखा गया है। इसे हेल्दी लोगों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, बाजार में मिलने वाले आम फिश ऑयल कैप्सूल से वही असर होगा, इसकी गारंटी नहीं है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के फिश ऑयल लेना सही नहीं होगा।
Published on:
14 Jan 2026 09:11 am
