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जानलेवा व्लू व्हेल गेम की गिरफ्त में ट्राइसिटी

पंचकूला में 4 बच्चे और चंडीगढ़ के 7 बच्चे ऑनलाइन ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेलते हुए पाए गए हैं।

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blue whale game

चंडीगढ़। पंचकूला में 4 बच्चे और चंडीगढ़ के 7 बच्चे ऑनलाइन ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेलते हुए पाए गए हैं। यह सनसनीखेज खुलासा हरियाणा में इस ऑनलाइन गेम के कारण हुई पहली मौत के बाद चली तफ्शीश के दौरान हुआ है। इससे जहां पेरेंट्स में पेरेंट्स भारी चिंता में डूब गए हैं वहीं चंडीगढ़ और पंचकूला जिला प्रशासनो की नींद भी उड़ गई है। ट्राइसिटी में शामिल चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली अब नए सिरे से तमाम स्कूलों को एडवाइजरी तैयारी करने जा रहे हैं।


उल्लेखनीय है कि पंचकूला में एक 17 साल के किशोर ने पिछले दिनों सुसाइड कर लिया था। मौत शनिवार को हुई थी लेकिन, जब उसके पेरेंट्स ने अपने बेटे का सामान और किताबें आदि चैक की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नोट बुक्स में सुसाइड करने के तरीकों वाले डायग्राम पाए गए थे। मामला गड़बड़ पाए जाने पर मृतक के पेरेंट्स ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो किशोर की मौत की वजह व्लू व्हेल ही सामने आई।


इसके बाद पुलिस ने अपनी तफ्शीश को आगे बढ़ाया और मंगलवार को पंचकूला के 4 बच्चों और चंडीगढ़ के 7 बच्चों द्वारा ब्लू व्हेल गेम खेलने का खुलासा हो गया। यह बात सामने आते ही चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में सभी स्कूल के प्रिंसिपल इस गेम के बारे में परिजनों को सूचना देने में जुट गए हैं।


इस बारे में पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने बताया कि अभी तक की जाँच में आया सामने की 7 बच्चें चंडीगढ़ और 4 बच्चें पंचकूला में ऐसे है जो कि ब्लू व्हेल गेम के अलग-अलग स्टेज पर खेल रहे थे। इन बच्चों के पेरेंट्स को जहां इसकी सूचना दे दी गई है वहीं इन बच्चों के फ़ोन और टैब को कब्जे में ले कर जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राष्ट्रीय स्तर पर तमाम सतर्कता व एहतियाती कदम उठाए जाने के बावजूद यह गेम उनके पास कहां से आया।


चावला के मुताबिक हरियाणा पुलिस बरामद मोबाइल के डाटा रिकवरी की रिकवरी के लिए गुरुग्राम स्थित हरियाणा पुलिस की साइबर लैब के संपर्क में है। डाटा रिकवर होने के बाद इस लिंक के सोर्स तक पहुंचा जा सकेगा।
इसके अलावा आम जनता, अभिभावकों व शिक्षण संस्थानों को एडवाइजरी भी जारी की जा रही है ताकि व्लू व्हेल गेम के कारण ऐसे हादसों को रोका जा सके।


पुलिस यह भी तलाशने में जुटी है कि इन बच्चों के पास व्लू व्हेल गेम का लिंक कहां से आया। इधर, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस गेम के साथ ट्रोज़न वायरस लिंक के साथ ही डाउनलोड हो जाता है और कभी भी गेम खिलाने वाला बैकएंड से इस गेम के लिंक को डिलीट कर सकता है। इस गेम में गेम खेल रहा बच्चा अपने दोस्तों के साथ उस लिंक को शेयर करता है।