
(हिसार): जुगलान गांव में करीब पौने 2 साल पहले लव मैरिज करने वाली बहन किरण को जहर खिलाकर मारने के आरोपी भाई अशोक को एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी को 29 नवंबर को दोषी ठहराया गया था। इस प्रकरण में युवती की मौत को नेचुरल डेथ बताकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। तब प्रेम विवाह करवाने वाली संस्था सनातन धर्म ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान ने इस घटना को उजागर करते हुए पुलिस को सूचना दी थी। प्रेमी रोहताश सैनी ने शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच कर मृतका के भाई अशोक को गिरफ्तार किया था। बता दें कि मृतका का पिता हरियाणा पुलिस में एसआई था,मामला दबाया जा रहा था। इस प्रकरण में पुलिस ने हत्या, शव खुर्द-बुर्द सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
सीसवाल निवासी रोहताश सैनी और गांव जुगलान वासी किरण की वर्ष 2012 में मुलाकात हुई थी। तब किरण आदमपुर के एक कॉलेज में पढ़ती थी और वहीं पीजी में रहा करती थी। उसी एरिया के शिक्षण संस्थान में वह ड्राइवर था। ऐसे में उनके बीच प्यार हो गया था। 8 अगस्त, 2015 को दोनों ने सनातन धर्म ट्रस्ट कार्यालय में प्रेम विवाह किया था। रोहताश ने अपने परिजनों को प्रेम विवाह की बात बताई थी, लेकिन किरण ने इनकार कर दिया था। कहती थी कि वक्त आने पर बता दूंगी। उम्मीद है कि घरवाले हमारे रिश्ते को अपना लेंगे। इसके बाद किरण जयपुर कोचिंग लेने चली गई थी। अगस्त 2016 को वापस लौटकर आई तो रोहताश ने अपने परिजनों को उसके बारे में बताया था। बाद में रोहताश गुरुग्राम में टैक्सी चलाने चला गया था। आरोप था कि इस बीच किरण के परिवार को प्रेम विवाह का पता चल गया था। भाई अशोक ने रोहताश को फोन करके धमकाया भी था मगर लोक-लाज के चक्कर में मामला निपटा था। परिजनों को किरण के प्रेम विवाह का पता चलने के बाद जान का खतरा देखकर रोहताश से उसने आखिरी बार चैट कर अपने साथ अप्रिय घटना होने के संकेत दिए थे। इसके बाद किरण का फोन आना बंद हो गया था। फिर संपर्क नहीं हुआ तो रोहताश ने किसी परिचित से किरण की जानकारी जुटाने के लिए कहा था। पता चला था कि 9 फरवरी को मौत हो चुकी है। उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया है। तब इस मामले की सूचना प्रेम विवाह करवाने वाले संजय चौहान के पास पहुंची थी, जिसने पुलिस को जानकारी दी थी। इसके बाद रोहताश ने जान का खतरा जताया था, जिसे गनमैन मिला था।
बहन से सुसाइड नोट लिखवाकर पिला दिया था जहर
पुलिस ने मामले की जांच करके मृतका के एसआई पिता व उसके भाई अशोक से पूछताछ की थी। उन्होंने बताया था कि नेचुरल डेथ हो गई थी। इसलिए अंतिम संस्कार कर दिया था। फोरेंसिक टीम ने किरण की अस्थियों के अवशेष कब्जे में लेकर फोरेंसिक लैब में भिजवाए थे। अशोक ने एक सुसाइड नोट पेश किया था, जिसे किरण द्वारा लिखना बताया था। पुलिस को उसके ऊपर शक हुआ कि पहले नेचुरल डेथ बता रहे थे और फिर सुसाइड नोट सामने आ गया था। पुलिस ने अशोक से सख्ती से पूछताछ की तो बताया कि बहन द्वारा प्रेम विवाह किए जाने की जानकारी उसे थी। 9 फरवरी की रात को मकान के चौबारे में बहन को ले जाकर काफी समझाया था। उसे कहा था कि उसके कदम से समाज में परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल हो जाएगी, लेकिन वह प्रेमी से जुदा न होने की रट लगाए थी। इसके बाद किरण को इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए खुद जहर पीकर सुसाइड की कहने लगा था। फिर किरण से सुसाइड नोट लिखवाकर उसे जबरन जहर पिला दिया था, जिसके कुछ देर बाद दम तोड़ दिया था। इस मामले में मृतका का प्रेमी शिकायतकर्ता रोहताश सैनी अपनी गवाही से मुकर गया था। पुलिस ने सनातन धर्म ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान को मामले में गवाह नहीं बताया था। ऐसे में चौहान ने अपने अधिवक्ता जितेंद्र कुश के माध्यम से 5 सितंबर 2018 को कोर्ट में दरखास्त दी थी जिसे मंजूर करते हुए 14 सितंबर को उसे गवाह बनाया था। तब प्रेमी युगल के प्रेम विवाह करने के साक्ष्य कोर्ट में दिए थे।
Published on:
05 Dec 2018 08:50 pm

बड़ी खबरें
View Allहिसार
हरियाणा
ट्रेंडिंग
