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जाट आरक्षण आंदोलन : सरकार व जाट होंगे आमने-सामने

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की आहट फिर से सुनाई देने लगी है।

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Jat reservation movement

जाट आरक्षण आंदोलन : सरकार व जाट होंगे आमने-सामने

चंडीगढ़। हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की आहट फिर से सुनाई देने लगी है। जाटों ने बृहस्पतिवार से प्रदेश के नौ जिलों में आंदोलन का ऐलान कर दिया है वहीं प्रदेश सरकार भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाने में जुटी रही। इसी दौरान हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रदेश के सभी पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है।

आरक्षण की मांग को लेकर तीसरी बार आंदोलन कर रहा जाट समुदाय एक बार फिर से आक्रामक हो गया है। जाटों ने दो दिन पहले रोहतक में बैठक करके 16 अगस्त से प्रदेश के रोहतक, झज्जर, सोनीपत, चरखी-दादरी, भिवानी, हिसार,कैथल,जींद व पानीपत में आंदोलन करने का ऐलान किया है।


अखिल भारतीय जाट आरक्षण समाति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में होने वाले इस आंदोलन से पहले जाटों के एक बड़े धड़े ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का बहिष्कार करते हुए उनकी किसी भी गांव में बैठक नहीं होने देने का ऐलान किया है।


जाटों ने सितंबर माह में आंदोलन को बढ़ाते हुए छह अन्य जिलों में शुरू करने का ऐलान किया है। जाटों के इस ऐलान के बाद प्रदेश के गृह सचिव एस.एस. प्रसाद तथा पुलिस महानिदेशक बी.एस.संधू ने संवेदनशील जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। जाट आरक्षण आंदोलन के चलते पुलिस विभाग में सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यही नहीं जाटों के ऐलान को गंभीरता से लेते हुए सोमवार की रात डीजीपी व गृह सचिव ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की सुरक्षा का रिव्यू करते हुए मंगलवार से उनकी सुरक्षा में भी वृद्धि कर दी।


सेवानिवृत्ति से पहले डीजीपी संधू के सामने बड़ी चुनौती
हरियाणा पुलिस महानिदेशक बी.एस. संधू अगले माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति से पहले जाट आरक्षण आंदोलन के रूप में उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इससे पहले रामपाल प्रकरण व जाट आंदोलन के चलते राज्य में पुलिस महानिदेशकों व गृहसचिव पर गाज गिर चुकी है। इस बार भी जाटों ने अगले करीब एक माह के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में किसी प्रकार की हिंसा व टकराव की स्थिति न पैदा हो। यह मुद्दा डीजीपी के सामने किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।