
रोजाना कीजिए नमक के पानी से गरारे, फिर मिलेंगे चौंकाने वाले नतीजे
एक शोध से यह बात सामने आई है कि नमक के पानी से गरारे करने से श्वसन संबंधी लक्षणों में सुधार और कोविड से लड़ने में सहायता मिल सकती है। यहां तक अस्पताल में भर्ती होने से बचा जा सकता है। इस साल कैलिफोर्निया में आयोजित अमेरिकन कॉलेज ऑफ एलर्जी अस्थमा एंड इम्यूनोलॉजी की वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में प्रस्तुत किए जा रहे अध्ययन से पता चला कि गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 संक्रमणों में नियंत्रण की तुलना में कम और उच्च खुराक वाले सलाइन आहार दोनों ही अस्पताल में भर्ती होने की दर में कमी के साथ जुड़े हुए प्रतीत होते हैं।
ऐसे हुआ परीक्षण
टेक्सास विश्वविद्यालय की टीम ने 2020 और 2022 के बीच गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान इसका टेस्ट किया था, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। इस टेस्ट में 18-65 वर्ष की आयु के लोगों को शामिल किया गया था। नमक के पानी से गरारे करने वाले लोगों की तुलना में गरारे नहीं करने वाले लोगों में कोविड के गंभीर लक्षण नजर आए। अधिकारियों का लक्ष्य कोरोना वायरस संक्रमण से जुड़े श्वसन लक्षणों में सुधार के संभावित संबंध के लिए नमक के गरारे की जांच करना था।
नहीं पड़ी हॉस्पिटल की जरूरत
शोध से पता चला कि गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति में नमक से गरारे करने वालों में अस्पताल में भर्ती होने की दर कम होती हैं, हालांकि अभी इसका अध्ययन जारी है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
10 Nov 2023 06:06 pm
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