होशंगाबाद

नर्मदा के जलस्तर में 5 इंच गिरावट, जिले में 601 हैंडपंप सूखे….

बरमान घाट से सेठानी घाट तक नर्मदा जलस्तर पर केंद्रीय जल आयोग का खुलासा

less than 1 minute read
Narmada

होशंगाबाद। नर्मदा नदी के जलस्तर में ५ इंच की कमी होने के साथ ही ज्यादा पानी वाली फसलों जैसे गन्ना और मंूग की खेती ने भूजल स्तर में गिरावट ला दी है। नर्मदा के जलस्तर के साथ ही भूजल का अत्याधिक दोहन होने के कारण होशंगाबाद जिले के करीबन ६०९ हैंडपंप सूखकर बंद हो गए हैं। इन हैंडपंपों के बंद होने से उन पर निर्भर हजारों लोगों को भीषण जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।

-------------

२०० किमी में ५ इंच की कमीनरसिंहपुर जिले में स्थित बरमान घाट से होशंगाबाद के सेठानी घाट तक बहने वाली नर्मदा नदी के जलस्तर की जांच केंद्रीय जल आयोग ने की थी। केंद्रीय जल आयोग को नर्मदा के जलस्तर में कमी मिली है। यह कमी करीबन ५ इंच की बताई गई है। इस कमी का उल्लेख केंद्रीय जल आयोग ने अपनी रिपोर्ट में भी किया है। पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री एसके गुप्ता ने भी नर्मदा के जलस्तर में गिरावट की बात को स्वीकर किया है।

--------

कहां कितने हैंडपंप सूखे

ब्लॉक-संख्या

होशंगाबाद-०८केसला-२८

बाबई-८३

सोहागपुर-४७

पिपरिया-१८१

बनखेड़ी-२१०

सिवनी मालवा-५२

-------------

किसने क्या कहा

हमने भी सुना है कि सीडब्ल्यूसी ने बरमान घाट से सेठानी घाट तक नर्मदा के जलस्तर में ५ इंच की कमी की रिपोर्ट दी है। हैंडपंप नर्मदा का जलस्तर गिरने से नहीं बल्कि भूमिगत जलस्तर का ज्यादा दोहन करने से सूखे हैं। जो हैंडपंप सूखे हैं वे भी उन क्षेत्रों में ज्यादा हैं जहां मूंग व गन्ना की फसल ज्यादा ली जा रही है।

एसके गुप्ता, कार्यपालन यंत्री पीएचई------------

Published on:
30 May 2019 12:14 pm
Also Read
View All

अगली खबर