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आखिर क्यों आज के दिन नही जलता चूल्हा, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

इस माता का व्रत रखने से दूर होते है ज्वर, नेत्र विकार और चेचक जैसे रोग

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Aakhir kyo sheetla ashtmi par aaj ke din nhi jaalta chulha

आखिर क्यों आज के दिन नही जलता चूल्हा, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

होशंगाबाद। फाल्गुन माह में होली के त्यौहार के बाद आने वाली सप्तमी को शीतला सप्तमी कहते है। और उसे दूसरे दिन शीतलाष्टमी रहती है। आचार्य सोमेश परसाई के अनुसार आज के दिन शीतलता माता की अराधना और शीतला माता, मां भगवती दुर्गा का पूजन किया जाता है। हिंदु मान्यता के अनुसार आज क दिन चुल्हा नही जलाया जाता, बल्कि चूल्हे की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत करने से ज्वर, नेत्र विकार, चेचक जैसे रोगो से छुटकारा मिलता है। व्रत रखने से शीतला मां खुश हो जाती हैं।

आज के दिन खाया जाता बासा खाना
आज के दिन चूल्हा नही जलने के कारण बासा खाना खाया जाता है। यह ऋतु का अंतिम दिन होता है। इसके बाद बासा खाना नही खाया जाता। ज्योतिषाचार्य के अनुसार माता शीतला रोगों को दूर करने वाली हैं और इस व्रत में परिवार के लिए भोजन पहले दिन ही बनाया जाता है और इस दिन बासी भोजन कहते हैं। कहा जाता है शीतला सप्तमी पर व्रती को प्रात: काल शीतल जल से स्नान करना चाहिए और उसके बाद विधि-विधान से मां शीतला की पूजा करनी चाहिए।

रात्रि जागरण भी
रात्रि में माता का जागरण करना चाहिए और शीतला सप्तमी पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि परिवार का कोई भी सदस्य गलती से भी गरम भोजन न ग्रहण कर करते हुए ठंडा भोजन करना चाहिए। साथ ही आज के दिन पथरावी माता को पूजा जाता है। ठंडा भोजना के साथ पूजा कर महिलाएं संतान की र्दीघायु के लिए प्रार्थना करती है।

यह भी है विशेष दिन
26 मार्च (मंगलवार): वृद्ध अंगारक पर्व। एकनाथ षष्ठी।
्र27 मार्च (बुधवार) सलाठों सप्तमी। शीतला पूजन। शीतला सप्तमी।
28 मार्च (गुरुवार) संतान अष्टमी। कालाष्टमी व्रत। आठो का मेला। शीतलाष्टमी।
29 मार्च (शुक्रवार) चैत्र कृष्ण नवमी रात्रि 12 बज कर 48 मिनट तक उपरांत दशमी।
30 मार्च (शनिवार) भद्रा मध्याह्न 2 बज कर 3 मिनट से रात्रि 3 बज कर 23 मिनट तक।
31 मार्च (रविवार) पापमोचनी एकादशी व्रत।
1 अप्रैल (सोमवार) पंचक प्रारंभ प्रात: 8 बज कर 31 मिनट से। तिसुआ सोमवार व्रत।