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आपके नाखून बतातें है आपकी सेहत का हाल, जानिए मोटे, टूटें नाखून के कारण होता है ये…

हकीम और वैद्य सबसे पहले हाथ के नाखूनों के रंग से बीमारी की जांच करते थे, तो आइए जानते है क्या कहती है सेहत

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आपके नाखून बतातें है आपकी सेहत का हाल, जानिए मोटे, टूटें नाखून के कारण होता है ये...

आपके नाखून बतातें है आपकी सेहत का हाल, जानिए मोटे, टूटें नाखून के कारण होता है ये...

होशंगाबाद/ हकीम, वैद्य की नाखूनों के साथ क्या भूमिका है। क्या नाखूनों में बदलते रंग से सेहत की स्थिति जानी जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण, त्वचा रोग, चोट लगना, सूजन व पोषण की कमी का असर नाखूनों पर भी देखा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाखूनों से चिकित्सा के कई राज जुड़े हुए है। पुरातन काल में जब बीमारी की जांच के लिए टेस्ट की सुविधा नहीं होती थी, तब हकीम और वैद्य सबसे पहले हाथ के नाखूनों के रंग से बीमारी की जांच करते थे। आयुर्वेद व होमियोपैथी में आज भी कुछ विशेषज्ञ स्वास्थ्य की जांच के समय नाखूनों के रंग को देखते हैं। विभिन्न शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि कई रोगों के पनपने के साथ-साथ नाखूनों का रंग अचानक बदलने लगता है।

जिसके नाखून ऐसे होते है उसे होती है यह बीमारी
जिनके नाखूनों में दरारें होती हैं या नाखून टूटे हुए होते हैं- उनमें आमतौर पर विटामिन सी, फॉलिक एसिड व प्रोटीन की कमी देखने को मिलती है। सिरोसिस की स्थिति में भी ऐसा ही होता है। इसमें क्रेक के अलावा नाखूनों में गड्डेे भी पड़ जाते हैं। ऐसा जिंक की कमी के कारण होता है। अर्थराइटिस से पीडि़त लोगों के नाखूनों में धारियों के साथ-साथ उभार भी देखने को मिलता है।

पता है किस मौसम में बढ़ते है नाखून
विशेषज्ञों के अनुसार जहां गर्मियों में नाखून तेजी से बढ़ते हैं, वहीं सर्दियों में यह रफ्तार धीमी हो जाती है। 'तनाव व अवसाद से पीडि़त व्यक्तियों में नाखून बढऩे की गति धीमी हो जाती है। दरअसल अधिक तनाव की वजह से हीमोग्लोबिन प्रभावित होता है।

बदलता रंग से होती है बीमारी
नाखून का बदलता रंग सभी व्यक्तियों में एक ही तरह की बीमारी का संकेत हो। कई बार नाखूनों का रंग, उन पर पड़ी धारियां, नाखूनों का मोटा-पतला होना आदि बातें एक से अधिक रोगों में भी देखने को मिलती हैं। कई बार हम बेहद सामान्य बातें भी गौर नहीं करते, मसलन पैर के भीतर की ओर धंसे हुए नाखून तंग जूते पहनने का संकेत देते हैं, वहीं नाखूनों का नीला रंग शरीर में ऑक्सीजन की कमी दर्शाता है।

मोटे, टूटें नाखून के कारण होता है ये...
डॉक्टर विकास अहूजा का कहना है कि मोटे तथा नेल बेड से थोड़ा ऊपर की ओर निकले नाखून सिरोसिस व फंगल इन्फेक्शन का संकेत देते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी व बालों के गिरने की स्थिति में भी नाखून बेरंग और रूखे हो जाते हैं। इसके अलावा त्वचा रोग लाइकन प्लेनस होने पर, जिसमें पूरे शरीर में जगह-जगह पस पड़ जाती है। नाखून बिल्कुल काले हो जाते हैं। हृदय रोग की स्थिति में नाखून मुड़ जाते हैं। नाखूनों में सफेद रंग की धारियां व रेखाएं किडनी के रोगों का संकेत देती हैं। मधुमेह पीडि़तों का पूरा नाखून सफेद रंग व एक दो गुलाबी रेखाओं के साथ नजर आता है। हृदय रोगियों के नाखून में लाल धारियां देखने को मिलती हैं।

इनसे होने वाला संक्रमण
हमारा शरीर कई तरह के सुक्ष्म जीवाणुओ व विषाणुओं के संपर्क में रहता है। लड़कियों को अक्सर त्वचा की समस्या रहती है। तो बता दें कि इसका कारण नाखून है। गल्र्स अक्सर नाखून बड़े करती है। लेकिन इससे त्वचा पर हुए संक्रमण को यदि नाखून से खुजाया जाए तो भी नाखून संक्रमित हो जाते हैं। जो लोग अधिक स्विमिंग करते हैं या ज्यादा देर तक पानी में रहते हैं या फिर जिनके पैर अधिकतर जूतों में बंद रहते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।

ऐसे बनाए इनकी सेहत
- पूरे शरीर के पोषण का ध्यान रखें। पौष्टिक आहार की मदद से न सिर्फ नाखून स्वस्थ रहते हैं, बल्कि उनमें दरार या कट भी नहीं पड़ते। विटामिन बी का सेवन नाखूनों की सुंदरता बढ़ाता है।
- नाखूनों की बाहरी त्वचा का खास ध्यान रखें। क्यूटिकल्स ही फंगस और बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाव करते हैं। नाखून व पोरों के आसपास की त्वचा को नियमित रूप से मॉइस्चराइजर की नमी दें। विटामिन सी का सेवन नाखूनों के आसपास की त्वचा को कटने-फटने से रोकता है।
- नाखूनों पर कम से कम रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करें।

यह बताता है नाखून का रंग
पीले नाखून
फीके, हल्के पीले व कमजोर नाखून अनीमिया, हृदय संबंधी परेशानी, कुपोषण व लिवर रोगों का संकेत देते हैं। फंगल इन्फेक्शन के कारण पूरा नाखून ही पीला हो जाता है। कई बार पीलिया, थाइरॉएड, मधुमेह और सिरोसिस में भी ऐसा हो सकता है। नाखून पीले व मोटे हैं और धीमी गति से बढ़ रहे हैं तो यह फेफड़े संबंधी रोगों का संकेत हो सकता है।

सफेद नाखून
कई बार नाखूनों पर सफेद धब्बे नजर आते हैं तो कई बार वे पूरे सफेद दिखते हैं। नाखूनों की सफेदी लिवर रोगों के अलावा हृदय व आंत की ओर भी संकेत करती है।

उभरे हुए नाखून
बाहर और आसपास की त्वचा का उभरा होना हृदय समस्याओं के अतिरिक्त फेफड़े व आंतों में सूजन का संकेत देता है।

नीले नाखून
शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से न होने पर नाखूनों का रंग नीला होने लगता है। यह फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया या दिल के रोगों की ओर भी संकेत करता है।

आधे सफेद और आधे गुलाबी नाखून
नाखूनों का रंग अचानक आधा गुलाबी व आधा सफेद दिखाई दे तो ऐसा होना गुर्दे के रोग व सिरोसिस का संकेत देता है।

लाल व जामुनी रंग
नाखूनों का गहरा लाल रंग हाई ब्लड प्रेशर का संकेत देता है, जबकि जामुनी रंग के नाखून लो ब्लड प्रेशर का संकेत देते हैं।

चम्मच की तरह नाखून
खून की कमी के अलावा आनुवंशिक रोग, ट्रॉमा की स्थिति में भी नाखूनों का आकार चम्मच की तरह हो जाता है और नाखून बाहर की ओर मुड़ जाते हैं।