
Anandiben Patel: Madhya Pradesh governor latest news
पिपरिया-पचमढ़ी। मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी स्कूली दिनों में आम छात्राओं की तरह रहीं। वह प्रतिदिन 8 किमी. पैदल सफर कर स्कूल जाती थीं। इस तरह वह प्रतिदिन 16 किमी. का सफर स्कूल के लिए तय करतीं थी। इसके अलावा दो सौ छात्रों के बीच वह अकेली छात्रा होती थीं। यह बात स्वयं राज्यपाल ने शनिवार को अपने पचमढ़ी प्रवास पर पहुंचकर आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं से रू-ब-रू होते हुए कही।
इसके पहले मप्र की राज्यपाल तीन दिवसीय प्रवास पर शनिवार सुबह हेलीकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंची। हवाई पट्टी पर प्रशासनिक अधिकारियों, विधायक ने उनका स्वागत किया। यहां से वह राजभवन पहुंची जहां राज्यपाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर गार्ड ऑफ ऑनर लिया। कुछ देर रुकने के बाद आदिवासी कन्या छात्रावास विजिट पर पहुंची। जहां पहली से आठवीं तक की छात्राओं से रूबरूंहुई। राज्यपाल का कलेक्टर अविनाश लावानिया, एसपी अरविंद सक्सेना, विधायक ठाकुर दास नागवंशी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
छात्राओं के सवालों के दिए जवाब
सबसे पहले राज्यपाल आदिवासी कन्या छात्रावास पहुंची। यहां पर उन्होंने छात्राओं से चर्चा करते हुए उनके सवालों के जबाब दिए। इस दौरान आठवीं की छात्रा दिव्यानी ने राज्यपाल से छात्रावास को कक्षा १२वीं तक कराने की मांग रखी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रा को मांग पूरी कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सुविधाएंं दी जा रही हैं। हमारे समय में कम सुविधाएं ही होती थीं।
89 में चुनी गई थीं विधायक
छात्राओं ने राज्यपाल से पूछा कि वे इस पद तक कैसे पहुंची। राज्यपाल ने कहा कि वे किसान परिवार से हैं गांव में नियमित अध्ययन के बाद उन्होने बीएससी किया उसके बाद शिक्षिका बनीं। शिक्षिका पद से इस्तीफा देकर १९८९ में वे विधायक बनीं। उसके बाद मंत्री, मुख्यमंत्री और अब राज्यपाल पद पर सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा जीवन में लक्ष्य बनाकर आगे बढ़े शिक्षा को प्राथमिकता दे सफलता उनके कदमों में होगी।
छात्राओं का नियमित हेल्थ चैकअप कराने दिए निर्देश
राज्यपाल ने छात्राओं से हेल्थ चैकअप की जानकारी ली तो छात्राओं ने कहा चैकअप अस्पताल में होता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिकाओं का हीमोग्लोबिन प्रथम दृष्टया कम नजर आ रहा है। बालिकाओं का छात्रावास में ही नियमित हैल्थ चैकअप कराने की व्यवस्था बनाई जाए।
धूपगढ़ वायसन लॉज का किया भ्रमण
छात्रावास विजिट के बाद राज्यपाल ने वन विभाग के वासयन लॉज का भ्रमण किया। वन अधिकारियों से बातचीत कर वन क्षेत्र के बारे में विस्तृत जानकारी ली। करीब २.३० बजे राज्यपाल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ से सनसेट का नजारा देखने धूपगढ़ रवाना हुई। धूपगढ़ से उन्होंने सनसेट देखा व यहां आयोजित बांसुरी वादन कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।
Published on:
10 Mar 2018 07:26 pm
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