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कन्याभोज के बहाने बच्ची को छोड़ा तांत्रिक बाबा के पास, बाबा ने बच्ची के साथ तंत्र विद्या के बहाने किया दुष्कर्म

नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले ढोंगी बाबा, दो महिलाओं सहित सात लोगों को पांच साल की सजा
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कन्याभोज के बहाने बच्ची को छोड़ा तांत्रिक बाबा के पास, बाबा ने बच्ची के साथ तंत्र विद्या के बहाने किया दुष्कर्म

इटारसी. चार साल पहले एक नाबालिग का उसके परिजनों को धोखा देकर एक महिला चार अन्य लोगों ने अपहरण कर लिया था। इन आरोपियों नाबालिग को एक ढोंगी बाबा के सामने छोड़ दिया। बाबा ने बालिका से दो बार दुष्कर्म किया था। इस मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति सिंह ने आरोपियों को ५ साल उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपियों में बाबा मंडीदीप निवासी रामेश्वर पिता रामाराव चिल्लाटे, आदमगढ़ होशंगाबाद निवासी विजय पिता मथुराप्रसाद विश्वकर्मा, तालनगरी डोलरिया का भगवती प्रसाद दुबे, बम्होरी खुर्द चंद्रमोहन सिंह सोलंकी, आमकछार पथरौटा निवासी रईस कुरैशी, आयुधनगर की चंदा बाई पति बाबूलाल सल्लाम व कमला बाई पत्नी रघुवीर सिंह शामिल थे।

यह था मामला : अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी एचएस यादव ने बताया कि घटना 15 जुलाई 2015 की शाम ६ बजे की है। तेरह वर्षीय बालिका ने पथरौटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह नवमीं कक्षा में पढ़ती है। उसके घर मुंहबोली बुआ कमला आई। उसने उसकी मां से यह कहा कि होशंगाबाद कथा सुनने जा रही है बालिका साथ लेकर जा रही है। मां ने हां बोल दिया लेकिन नाबालिग की इच्छा नहीं थी फिर भी जबदस्ती कमला बाई बालिका को अपने साथ ले गई। कमला ने एक कार में बालिका को बैठाया। कार में अन्य लोग भी थे जिन्हें वह पहले से जानती थी।

यह था चार साल पहले का घटनाक्रम
पूरा घटनाक्रम चार साल पहले का है। इटारसी के पास आर्डनेंस फैक्टरी रोड के एक गांव में 15 जुलाई 2015 को शाम छह बजे कमला नामक महिला आई। कमला बालिका का घर में पहले से आना जाना था। इस महिला को 13 साल की नाबालिग बालिका बुआ कहती थी। कथित बुआ ने उसकी मम्मी से कहा कि बालिका को साथ भेज दो। होशंगाबाद में कथा है कन्या भोज करवाना है। उसकी मां ने हां कर दी। बालिका जाना नहीं चाहती पर कमला जबदस्ती ले गई। कमला ने बालिका को एक कार में बैठाया। उसमें पहले से कुछ लोग बैठे हुए थे जिन्हें बालिका नहीं जानती थी। इनमें एक औरत भी थी जिसका नाम चंदाबाई था। कार में सवार लोगों में विजय ठेकेदार, भगवती प्रसाद, चंद्र मोहन सिंह और रईस कुरैशी शािमल थे। कार में सवार ये लोग बािलका को मंडीदीप ले गए।

यह घटना हुई बालिका के साथ
सभी बालिका को मंडीदीप के चिकन मार्केट ले गए फिर बालिका को एक तांत्रिकनुमा बाबा के पास ले गए। उस समय बाबा दाढ़ी रखे हुए थे। कमला ने बालिका को कहा कि बाबा जो कहते है करते जाना। कमरे में बाबा ने बालिका को वश में कर कपड़े उतरवा लिए और खुद के ऊपर सोने को कहा। फिर उसने दो बार बालिका के साथ गलत काम किया। फिर वह बालिका से बोला कि पानी की टंकी में उतर जाओ। इसके अंदर धन मिलेगा। उक्त तांत्रिक बालिका को टंकी में डाल ही रहा था, इतने में कमला आ गई और बोली घर चलो, फोन आ गया है। कार में आए चारों आदमी यह बोलकर चले गए कि हम पकड़ा जाएंगे, इसलिए जा रहे हैं।

बालिका को लेकर कमला घर जा रही थी....उसी बीच हुआ ये
इसके बाद बालिका को लेकर कमला और चंदा तथा हेमी मंडीदीप से वापस घर जा रहे थे। रास्ते में इटारसी के पथरौटा थाने की पुलिस की गाड़ी ने इन्हें रोका। पुलिस के साथ बालिका के मम्मी-पापा भी थे। मामले पर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति सिंह ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपियों ने गंभीर अपराध किया है। ऐसे अपराध का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अवस्यक बालिकाओं अथवा महिलाओं में असुरक्षा की भावना हैं।

चार सालों से इटारसी कोर्ट में चल रहा था मामला
पथरौटा थाने में बालिका के बयान दर्ज हुए जिसमें उसने पूरा घटनाक्रम बताया। इस बयान पर पुलिस ने आरोपियों पर बालिका के अपहरण, रेप, सदोष परिरोध और पॉस्को एक्ट का अपराध दर्ज किया। यह मामला चार साल से इटारसी कोर्ट में चल रहा था। अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी एचएस यादव ने बताया कि केस के साक्ष्य व तर्क के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को नाबालिग बालिका का यौन शोषण व उत्पीडऩ करने का दोषी माना।

यह हैं आरोपी
1. मंडीदीप का तांत्रिक बाबा रामेश्वर पिता रामाराव चिल्लाटे।
2. विजय पिता मथुरा प्रसाद विश्वकर्मा आदमगढ़ होशंगाबाद।
3. भगवती प्रसाद पिता प्रेमनारायण दुबे, तालनगरी डोलरिया।
4. चंद्रमोहन सिंह पिता सौभाग्यमल सौलंकी, बम्होरी खुर्द होशंगाबाद।
5. रईश कुरैशी पिता अब्दुल सलाम कुरैशी आम कछार पथरौटा।
6. चंदाबाई पति बाबूलाल सल्लाम आयुध नगर इटारसी।
7. कमला बाई पति रघुवीर सिंह आयुध नगर इटारसी।

कोर्ट ने यह सजा सुनाई
नाबालिग को यौन शोषण करने पर पॉस्को एक्ट के तहत 5 साल की सजा और 1000 रूपए का अर्थदंड। अर्थदंड न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा।
धारा 366 अपहरण करना- 3 साल का कारावास और 500 रूपए का अर्थदंड।
धारा 363 अपहरण के लिए दंड- 3 साल का कारावास और 500 रूपए का अर्थदंड।
धारा 342 सदोष परिरोध- 6 माह का कारावास और 100 रूपए का अर्थदंड।