
Benefits of clay pots in hindi news
सोहागपुर. पर्यावरण प्रेमियों, जानकारों के अलावा अब तो विज्ञान भी मानता है कि मिश्रित धातु या प्लास्टिक के बर्तनों में भोजन-पानी ग्रहण करना बीमारियों को जन्म देने वाला है। इससे बचाने सोहागपुर के टेराकोटा माटी कला विशेषज्ञ हेमंत प्रजापति ने टेराकोटा मिट्टी से री-यूज किए जा सकने वाले बर्तन बनाए हैं। यह बर्तन पचमढ़ी उत्सव में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में रखे जाएंगे। इन बर्तनों की कीमत भी काफी कम है। प्रजापति ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान वे दर्शकों को इसके फायदे बताएंगे। साथ ही जानकारी देंगे कि किस तरह हमारे पूर्वज इन बर्तनों का उपयोग कर स्वस्थ रहते थे। प्रजापति और साथी दीपक कोष्ठी की मंशा है कि बीमारियां परोसने वाले प्लास्टिक व धातु के बर्तनों के स्थान पर लोग मिट्टी के सस्ते तथा प्राकृतिक बर्तनों का उपयोग करें। टेराकोटा मिट्टी से री-यूज किए जा सकने वाले बर्तन बनाए, पचमढ़ी में लगेगी प्रदर्शनी।
ये हैं खास बर्तन
पानी का गिलास, बोतल, कटोरी, बाऊल आदि बनाए हैं। जिनमें कच्चा या पका भोजन सुरक्षित रखा जा सकता है। इन सभी का पचमढ़ी उत्सव में 25 दिसंबर से एक जनवरी तक प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले प्रजापति ने टेराकोटा आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई थी। इस बार बर्तनों की प्रदर्शनी लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है यह लोगों को पसंद आएंगे।
धो भी सकते हैं
इन बर्तनों की खासियत है कि इन्हें नियमित उपयोग के साथ धोया जा सकेगा। ताकि इनका बार-बार उपयोग किया जा सके। वार्ड पार्षद दीपक साहू ने इनका अवलोकन करने के बाद सरकार से मांग की कि इन कलाकारों को विशेष सहयोग दिया जाए।
दाम भी हैं कम
दस रुपए से लेकर सौ रुपए तक की कटोरी प्रदर्शनी में होगी। ग्लास बीस रुपए में और बाऊल सौ से लेकर डेढ़ सौ रुपए तक में पड़ेगा। इसी तरह पानी की बोतल भी मिलेगी। इतना ही नहीं किचिन के अन्य बर्तन भी प्रदर्शनी में होंगे।
Published on:
19 Dec 2017 12:01 pm
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