
bhavna life stargal story
बैतूल। प्रेम विवाह के बाद शरीर के दोनों वाल्व खराब होने से पति ने अपनी पत्नी को जिला अस्पताल में अपने हाल पर छोड़ दिया और फरार हो गया। महिला को इलाज के लिए भोपाल रैफर कर दिया है। उसके इलाज में मदद के लिए लोग सामने आ रहे हंै।
पाथाखेड़ा निवासी भावना डहेरिया को उसके पति आदर्श डहेरिया ने जिला अस्पताल में छोडक़र फरार हो गया है।
आदर्श को पता चला कि उसकी पत्नी के दोनों वाल्व खराब हैं तो दोबारा अस्पताल की तरफ आया ही नहीं। भावना का दस माह का एक बेटा भी है। जिला अस्पताल से भावना को इलाज के लिए भोपाल रैफर कर दिया है। माता-पिता नहीं होने से अब भावना का सहारा उसकी मौसी बनी है। मौसी उसे इलाज के भोपाल के लिए ले गई हैं। भावना की मदद के लिए लोग सामने आ रहे हैं। सारणी के पूर्व नपाध्यक्ष और डहेरिया मेहरा समाज के प्रदेश सचिव मनोज डहेरिया ने बताया कि भावना के इलाज की मदद को लेकर समाज की एक बैठक रविवार को रखी गई है। बैठक में मदद को लेकर चर्चा की जाएगी। इधर वंडर ग्रुप के योगेश मदान, मदन हीरे, पप्पी शुक्ला,रवि फाटे, नरेश टंडन, कमल नागले, दीपक पाल,कमलेश लोखंडे ने बताया कि ग्रुप के माध्यम से भी भावना को इलाज के लिए मदद की जाएगी।
बेटे के लिए जीना चाहती है भावना
भावना ने बताया कि उसका दस माह का एक बेटा सिद्धार्थ है, वह उसके लिए जीना चाहती है। अपना इलाज कराना चाहती है। स्वस्थ होने के बाद वह काम करेगी और अपने बच्चे का भरण-पोषण करेगी। उसने लोगों से भी इलाज में मदद करने की अपील की है।
अस्पताल में छोडक़र भागा पति
प्यार में लोग जीने मरने की कसमें तो खाते हैं, लेकिन जिंदगी के संघर्ष से डर कर मझधार में ही साथ छोड़ देते हैं। ऐसा ही एक मामला पाथाखेड़ा में सामने आया है। शादी के पहले युवक ने अपनी प्रेमिका के साथ जीने-मरने की खूब कसमें खाई और फिर शादी शादी कर ली। शादी के बाद जब पत्नी के दोनों वाल्व खराब निकले तो साथ छोड़ दिया और उसे अपने हाल पर जिला अस्पताल में अकेले छोडक़र फरार हो गया। युवती की मां की पहले ही मौत हो चुकी है और पिता ने साथ छोड़ दिया है। अब जिंदगी के संघर्ष में युवती अकेली हो गई। वह अपना इलाज तक नहीं करा पा रही है। युवती को अपने इलाज की दरकार है। सारणी थाना क्षेत्र के पाथाखेड़ा निवासी भावना डहेरिया ने बताया कि पड़ोस में ही रहने वाले आदर्श डहेरिया से ४ अप्रैल २०१६ को नासिक में प्रेम विवाह किया था। शादी करने के बाद दोनों कुछ समय भोपाल में रहे। यहां से फिर पाथाखेड़ा वापस आ गए। परिजनों से अलग किराए के मकान में रहने लगे। १० माह पूर्व एक बेटा सिद्धार्थ हुआ। कुछ माह पहले स्वाथ्य खराब हुआ तो नागपुर में इलाज कराया डॉक्टरों ने बताया कि दोनों वाल्व खराब हो गए है। जिसके बाद कभी भी स्वास्थ्य खराब होने लगा। १५ दिन से आदर्श घर ही नहंीं आया। तबीयत अधिक बिगडऩे से मौसी कल्पना मांडवे ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। शनिवार से जिला अस्पताल में भर्ती हंू। सोमवार को एक बार आदर्श मिलने आया था। इसके बाद से कही अता-पता नहीं है। कई बार मोबाइल भी लगाया फोन ही नहीं लग रहा है।
ऐसे शुरू हुई थी प्रेम कहानी
भावना ने बताया कि आदर्श पड़ोस मेंं ही रहते थे। इन दिनों मैं नागपुर में काम करती थी। आदर्श से नागपुर में भी मुलाकात हुई। जिसके बाद दोनों एक दूसरे से बात करने लगे। दोस्ती प्यार में बदल गई और फिर दोनों ने साथ जीने-मरने की कसम खाई। दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। शादी के एक साल बाद हमारा एक बेटा भी है।
Published on:
03 Dec 2017 06:15 pm
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