
सीईओ ने तीन कर्मचारियों को किया सस्पेंड, एक की सेवा समाप्त
पिपरिया. निर्मल ग्राम खैरा पंचायत की जांच में 75 लाख 34 हजार गबन का बड़ा घोटाला निकला है। जिला पंचायत के जांच दल ने कमिश्नर,कलेक्टर के निर्देश पर जांच प्रतिवेदन जिला सीईओ को सौंपा। जांच प्रतिवेदन पर जिला सीईओ ने पूर्व वर्तमान के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, वहीं एक कर्मचारी की सेवा समाप्ति की है। सरपंच को भी धारा 40 का नोटिस जारी किया है। ज्ञात रहे कि इस पंचायत को शौचालय निर्माण में निर्मल घोषित कर सरपंच को पुरस्कृत किया गया था। भ्रष्टाचार की जांच में देरी को लेकर पत्रिका ने 27 दिसंबर को अभिलेखों के अभाव में अटकी जांच शीर्षक से खबर प्रकाशित कर ध्यान दिलाया था। खबर प्रकाशन के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले जनपद सीईओ भी जांच के घेरे में हैं।
जांच में उजागर हुआ गबन : जिला पंचायत जांच दल प्रमुख पंचायत अधिकारी एनके मीना के जांच प्रतिवेदन के बाद जिला सीईओ ने आशुतोष पटेल पंचायत समन्वयक अधिकारी, सचिव ग्राम पंचायत नरेन्द्र पटेल, पूर्व सचिव कमलेश ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा रामेश्वर पटैल ग्राम रोजगार सहायक की संविदा सेवा समाप्त करने जनपद सीइओ को आदेश जारी हुए हुए। मामले में महिला सरपचं कुब्जा बाई को धारा 40 का नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत प्रकरण संस्थित कर पद से पृथक करने एवं राशि वसूल किए जाने की कार्रवाई होगी। सरपंच के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है।
इन योजनाओं में निकला गबन
सरपंच, उपरोक्त निलंबित कर्मचारी और एक जीआरएस जिसकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी हुए हंै के कार्यकाल में खैरा पंचायत में जांच दल को सरकारी राशि के गबन के प्रमाण मिले है। जांच में कहा गया है कि हितग्राहियों ने प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत मकान ही नहीं बनाए हैं। इनकी संख्या ३६ है, जो जालसाजी कर फर्जी तरीके से ४५ लाख ५२ हजार ३१५ रुपए की राशि फर्जी दस्तावेज बनाकर आहरण की गई है। 14वें वित्त आयोग,विधायक एवं सांसद निधि के निर्माण कार्यों के तहत कुल राशि 29 लाख 82 हजार 262 का प्रत्यक्ष गबन करना पाया गया है। कुल राशि 75,34,577 रुपए का गबन एवं वित्तीय अनियमितता जांच में पाई गई।
1. खैरा ग्राम पंचायत जांच में ७५ लाख ३४ हजार ५७७ रुपए का गबन निकला है। खैरा ग्राम पंचायत समन्वयक पूर्व वर्तमान सचिव को निलंबित कर मुख्यालय अटैच किया है। जीआरएस की सेवा समाप्ति के लिए जनपद सीईओं से प्रतिवेदन बुलाया है। वहीं सरपंच को धारा ४० के तहत नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
पीसी शर्मा, सीईओ जिपं, होशंगाबाद
Published on:
16 Jan 2019 05:28 pm
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