
Miracle..केवल 60 मिनीट में आपके टूंटे दांत फिर से जुड़ सकते हैं, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर
होशंगाबाद। आज डेंटिस्ट-डे है। वर्तमान में हर उम्र के लोगों में दांतों की सडऩ की समस्या बढ़ रही है। बच्चों में यह समस्या अधिक है। यह हम नहीं बल्कि जिला अस्पताल में हर दिन पहुंच रहे दांतों के मरीजों के आंकड़े बता रहे हैं। डेंटिस्ट डॉ. नेहा भार्गव बताती हैं कि सबसे ज्यादा समस्या बड़ों में तम्बाखू खाने व बच्चों में चॉकलेट से होती है। जिला अस्पताल में हर दिन 35 से 40 मरीज दांतों की समस्या लेकर पहुंचते हैं। डॉ. अखिलेश सिंघल ने बताया कि सबसे ज्यादा दांतों की सडऩ, मुंह से बदबू आना, टार टार जमा होना, छाले, कैंसर के शुरूआती लक्षण होते हैं। जबड़े का फैक्चर, थैली बनना, पस पडऩा, जैसी समस्याओं को लेकर यहां पहुंचते हैं। सबसे खास बात की आजकल लोगो में सौंन्दर्य के साथ-साथ अपनी दांतों को बदलने की भी डिमांड बढ़ी हैं।
टूंटे दांतों को जोडऩा भी आसान
होशंगाबाद की डॉ. नेहा भार्गव ने बताया कि अब टूटे दांतों को जोडऩा काफी आसान हो गया है। पहले इसे जोडऩे में काफी दिक्कत और समय भी लगता था। 60 मिनिट के अंदर अगर कोई अपना टूटा दांत लेकर आता है तो वह वापस जुड़ सकता हैं। अभी तक ऐसे 03 केस आ चुके हैं।
कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री की भी बढ़ी मांग-
चेहरे के कलर के अनुसार भी दांत उतने सफेद- ज्यादा फेयर कॉम्प्लेक्शन वालों के दांत हल्के पीले होते हैं- चेहरे के साइज के हिसाब से लोग दांत के साइज और आकार का बदलाव- जिसका चेहरा दांत भी लंबे।- चेहरा ओवल होता है तो उनके दांतों की बनावट भी ओवल होती है
स्वस्थ्य दांतों के लिए रखें सावधानियां-
विटामिन, दूध, अण्डे, मछली व खनिज वाले भोजन का सेवन करें ताकि दांत मजबूत हो।- मीठे या चिपचिपे पदार्थ भोजन के बीच मत खाइए- प्लॉक हटाने के लिए भोजन के बाद ब्रश करना चाहिए।- हर छह महीने में दांतो का चेकअप कराए।- प्रॉपर ब्रशिंग, गम मसाज करें।- फ्लोराइड टूथपेस्ट का उपयोग करें।- वर्टिकल ब्रश करें इसका सही तरीका अपनाए।- कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजें नहीं पीएं, क्योंकि इसमें एसिड होता है।- ज्यादा देर तक ब्रश न करें।
सफेद हो रहे दंात, शेप भी बन रहाकॉस्मेटिक डेटिस्ट्री के अंतर्गत एसथेस्टिक डेंडिस्ट्री भी होती है। इसमें कुछ मटेरियल का इस्तेमाल करके दांतों के बिगड़े हुए शेप को सही किया जाता है। इसके साथ टूटे हुए दांत, पीले दांतों को सफेद बनाया जाता है। ब्लीचिंग की सहायता से दांतों को वाइट किया जाता है। कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का चलन सबसे ज्यादा युवाओं के बीच है।
बच्चों के दांतों की सुरक्षा-
जब दांत आना शुरू होते हैं तो डायरिया होने लगता है। ऐसे में टॉडलर्स के लिए आने वाले प्लास्टिक के इंस्टूमेंट दिए जाएं। इससे उनके दांत अच्छे आएंगे।- बच्चों को बॉटल फीडिंग न कराएं।- दांतों से नाखून काटना, कपड़ा फंसाकर सोना, अंगूठा चूसना, अंगुली चूसना जैसी आदतों से दूर रखें।- रात को दूध पीने के बाद ब्रश, पानी या कुल्ला कराकर सुलाएं।- जब सारे दांत आ जाएं तो उन्हें फ्लोराइड एप्लिकेशन देना चाहिए।- दूध के दांत आने के बाद जो गैप होता है, सही ग्रोथ के लिए हरी सब्जियां, मूली, गाजर, ज्यादा से गन्ना खिलाएं।
यह रहें आकंड़े
समस्या-
दांतो में सडऩ- 750
दांत निकलना- 300
नशों का इलाज- 140
मसाला भरना- 120
बदबू आना/ टार-टार जमा- 240
छाले की समस्या- 60
केंसर के शुरूआती पैसेंट- 180
जबड़े का फ्रेक्चर- 06
मुंह में थैली बनना- 5
पस पडऩा- 04
टूटे दांत बापस जोडऩा- 03
जबड़ा अडऩा- 02
Published on:
06 Mar 2019 06:00 am
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