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दुर्लभ हैं प्राचीन गणेश की ये प्रतिमा, दर्शन मात्र से भरती है महिलाओं की सुनी गोद

हर साल तिल तिल बढ़ता है गणेश प्रतिमा का कद

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ganesh pratima

दुर्लभ हैं प्राचीन गणेश की ये प्रतिमा, दर्शन मात्र से भरती है महिलाओं की सुनी गोद

बनखेड़ी. बनखेड़ी ब्लाक के बाचावानी स्थित प्राचीन गणेश मंदिर है। इसमें भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। इनका अपने आप में ही एक अद्भुत रहस्य है। भक्तों का मानना है कि ये प्राचीन दुर्लभ प्रतिमा के दर्शन मात्र से महिलाओं की सुनी गोद भर जाती है। यानि जिन महिलाओं को संतान नहीं हो रही है तो वे इस प्रतिमा से दर्शन कर अपनी संतान की इच्छा को पूर्ण कर सकती है। हर साल यहां हजारों श्रृद्धालु अपनी मन्नत लेकर भगवान के दरबार में दरकार लगाने पहुंचते है। यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मंदिर को तिल गणेश मंदिर के भी नाम से जाना जाता है।

प्राचीन मंदिर का है कुछ ऐसा रहस्य
मंदिर के पुजारी अनंत कुमार बैरागी, मनोहर दास बैरागी ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर का बड़ा ही महत्व है। यहां जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह मंदिर आसपास के ग्रामीण अंचल में ख्यातिलब्ध है। हर वर्ष यहां तिलचौथ पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। कहा जाता है कि हर साल तिल चौथ पर इस प्रतिमा का कद तिल तिल बढ़ता है। गुरुवार को भी गांव समिति सदस्यों एवं युवाओं द्वारा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को खीर एवं चाय नि:शुल्क वितरित की गई। सुबह से देर रात तक यहां भक्तों की कतार दर्शन के लिए लगी रही। समिति सदस्यों ने श्रद्धालुओं को पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हुए पौधे वितरित किए।

पूरी होती यहां मांगी हर मन्नतें
ऐसा माना जाता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसी के चलते मंदिर में मनोकामना मांगते समय मंदिर की पिछली दीवार पर महिलाएं गोबर के हाथे लगाते है एवं पुरुष गोबर से ओम लिख कर मनोकामना मांगते है।