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बिजली चोरी करने वाले सावधान, अब कंपनी बनाएगी e-panchnama

चोरी करने की मोबाइल पर मैसेज से मिलेगी जानकारी, जिले में 1 अप्रैल से शुरू होगी नई व्यवस्था

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Electricity bhopal विद्युत प्रहरी बनना चाहते हैं तो 30 मार्च जमा करें आवेदन

Electricity bhopal विद्युत प्रहरी बनना चाहते हैं तो 30 मार्च जमा करें आवेदन

नर्मदापुरम. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में बिजली चोरों पर अब ई-पंचनामा बनाया जाएगा। यह व्यवस्ता 1 अप्रैल से लागू की जा रही है। मोबाइल से बिजली चोरी की जानकारी भरी जाएगी और उपभोक्ता के मोबाइल पर संदेश भेज जाएगा कि आपके खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज हो गया है। नर्मदापुरम शहर में 2 करोड़ से अधिक की बिजली चोरी पकड़ी गई है। शहर का लाइन लास 50 फीसद है। आधी बिजली चोरों के घर चली जाती है। इसे रोकने बिजली कंपनी ने अधिकारियों को टारगेट निर्धारित किए हैं। हर माह उन्हें लाइन लास वाले क्षेत्र में चैकिंग करना होती है। उसकी रिपोर्ट कंपनी प्रबंधन को देना होती है। शहर में रात के समय भी अभियान चालाया जा रहा है। रात में लाइन स्टाफ बिजली चोर का फोटो खींचता है, अधिकारियों के भेजते हैं। दूसरे दिन अधिकारी बिजली चोरी का केस दर्ज करने पहुंचते हैं।

इसलिए लागू किया जा रहा ई-पंचानामा
- बिजली चोरी का केस दर्ज करने के लिए एक निर्धारित फारमेट है। यह कागज पर प्रिंट रहता है। जब पंचानामा खत्म हो जाता था तो बिजली चोरों के खिलाफ अभियान थम जाता है। महीनों कार्रवाई नहीं होती थी। जब पंचनामे छपकर आते थे, तभी अभियान शुरू होते थे। अब अभियान नहीं रुकेगा, क्योंकि पंचानामे की जरूरत नहीं होगी।
-अधिकारी बिजली चोरी का केस दर्ज करके आते थे, उसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं रहती थी। बिजली चोरों से समझौता भी करते थे। ई-पंचानामे से तत्काल जानकारी भोपाल तक पहुंच जाएगी।
- पंचनामा फाडऩे की घटनाएं अधिक होती थी। अब पंचानामा फाड़ नहीं सकेंगे।
-कोर्ट में बिजली चोर कहते थे कि उसे कोई सूचना नहीं दी गई। अब मोबाइल से भेजे गए संदेश से जानकारी दी जाएगी।
-मोबाइल स्क्रीन पर ही हस्ताक्षर बनाए जाएंगे।


हर क्षेत्र में बिजली चोरी का तरीका अलग
बिजली चोर मीटर में सर्किट लगाकर गति धीमी कर देते हैं, जिससे बिजली का बिल स्थिर रहता है। यह तरीका पाश इलाकों में अपनाया जाता है। कटिया डालकर बिजली चोरी की जाती है। निचली बस्ती व नई कालोनियों में कटिया डालकर चोरी की जाती है।

फैक्ट फाइल
- 1.25 लाख उपभोक्ता
- 6000 बिजली चोर एक साल में पकड़े जाते हैं
- 12 करोड़ की बिजली चोरी
- 3000 कोर्ट में लंबित केस

इनका कहना...
1 अप्रैल से बिजली चोरों का ई-पंचनामा तैयार किया जाएगा। इसकी जानकारी मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। अभी तक पंचनामा में कई तरह की परेशानियां थी। लेकिन आने वाले सॉफ्टवेयर में इस तरक की कोई परेशानी नहीं रहेगी।
अंकुर मिश्रा, डीई नर्मदापुरम